माँ बेहाल बेटी छिनाल compleet

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[color=#FF0000:32n8qqvh][size=150:32n8qqvh] माँ बेहाल बेटी छिनाल –1[/size:32n8qqvh][/color:32n8qqvh]

[size=150:32n8qqvh][color=#000080:32n8qqvh] डॉली बड़ी खुशी मे घर आई जब वो गयी थी तब लड़की थी लेकिन राज ने उसे औरत बनाके भेजा था. डॉली को पता भी नही था कि उसकी ज़िंदगी एक रात मे इतनी बदलेगी. उसके दिल-ओ-दिमाग़ मे अब राज चाचा बस गये थे. वो जानती थी कि राज चाचा के लिए वो कुछ भी करेगी. अपनी बेटी को इतनी खुश देख कर उसकी मा शन्नो को भी अच्छा लगा. डॉली का बाप हर्बार जैसे टूर पे गया था. उसकी मा ने बताया कि उसके डॅडी 4 दिन के बाद आनेवाले थे. राज चाचा के प्लान के मुताबिक डॉली ने उसकी मा को बार-बार बताया कि कैसे एक अजनबी ने उसे ट्रेन के सफ़र मे मदद की और उस भीड़ भरी बुगी मे बैठने के लिए रात भर जगह दी. डॉली ने जान बूझके राज चाचा की बहुत तारीफ की. शन्नो ने भी सोचा कि कितना भला अजनबी था जिसने उसकी बेटी के लिए इतनी तक़लीफ़ उठाई. शन्नो बोली, "आरे बेटी तूने उस आदमी को चाइ पे बुलाना चाहिए था जिसने तेरी इतनी मदद की. " राज चाचा का प्लान सही होता देख डॉली खुशी से बोली, "मुझे क्या तूने बुद्धू समझा है मा? तेरे बताने के पहले ही मेने उनको कल शाम को चाइ पे बुलाया है. वो मुझे बोले कि पहले अपनी घरवालो से पूछ लो, लेकिन मेने उनको आने की ज़िद की तो वो मान गये. " अपनी बेटी के प्लान से अंजान शन्नो को अच्छा लगा कि उसकी बेटी ने एक अच्छा काम किया और वो बोली, "तूने ठीक ही किया बेटी जो उनको बुलाया. नही तो आज की दुनिया मे इतना भला आदमी कहाँ मिलता है जो दूसरो की मदद करे? " अपनी मा की हां से डॉली बड़ी खुश हुई. उसे यकीन था कि उसके राज चाचा उसकी मा को ज़रूर चोदन्गे. उसे इस बात से खराब नही लग रहा था कि वो अपनी मा को एक पदाए मर्द से चुद्वाने मे उस पदाए मर्द की मदद कर रही थी. दूसरे दिन शाम को शन्नो अपनी बेटी के राज चाचा से मिलने तय्यार हुई. शन्नो 37 साल की बड़ी सेक्सी औरत थी. एक बेटी को जनम देने के बाद उसने अपनी फिगर पहले जैसे मेनटेन की. उसका पति रमेश ज़्यादातर टूर पे ही रहता था लेकिन इसके बाद भी उसने किसी गैर मर्द से रिश्ता नही रखा था. ऐसा नही कि वो कोई रिश्ता नही रखना चाहती थी पर वो समाज से डरती थी. वो भीड़ मे अपना जिस्म अंजान मर्दो से मसलके लेती थी लेकिन उसके आगे कुछ नही. जब जिस्म की गर्मी ज़्यादा ही बढ़ती थी वो मोमबत्ती या बैंगन से चूत चुदवाति. इससे उसे आराम तो मिलता पर शांति नही मिलती. शादी के पहले उसका आफ़फियर था और उसके बॉय फ्रेंड ने उसे खूब चोदा था. यहाँ तक कि जब वो मैके जाती थी तब भी उससे चुदवाति थी. लेकिन जब से उसका बॉय फ्रेंड नौकरी के लिए बाहर चला गया था तब उसके बाद से उसने अपना कदम ग़लत नही पड़ने दिया. शन्नो ने डार्क रेड कलर की साड़ी पहनी. उसपे स्लीव्ले ब्लाउज था. शन्नो के सफेद जिस्म पे वो लाल साड़ी और ब्लाउज जच रहे थे. उसने साड़ी टाइट पहनी थी जिससे उसके जिस्म का अंग-अंग झलक रहा था. टाइट पहनी साड़ी मे उसका नंगा पेट और गोल गांद देख कर कोई भी मर्द घायल हो सकता था. चहेरे पे हल्का पाउडर और होंठो पे लिप स्टिक लगाई उसके बाल कंधे तक थे जिससे उसने क्लिप से बाँध रहे थे. माथे पे लाल बिंदी थी. अपना रूप आईने मे देख कर उसे अच्छा लगा और वो हॉल मे जाके बैठी. 10 मिनिट बाद डॉली एक आदमी को ले आई. घर मे आके वो बोली, "मा यह है राज चाचा जिनके बारे मे मेने तुमको बताया था और चाचा यह है मेरी मा. " डॉली ने देखा कि राज चाचा की आँखो मे चमक आई. वो उसकी मा को घूर के देख रहे थे और उसकी मा भी राज को देख रही थी. राज जीन्स और टी शर्ट पहना था जिसमे से उसकी टाइट फ्ज़िक झलक रही थी. शन्नो देख रही थी कि राज सही मे पंडित लग रहा था. इतना तगड़ा और मर्दाना रूप था उसका. उन्होने एक दूसरे को नमस्ते किया और बैठे. डॉली उसके बाजू मे बैठके बोली, "मा यह राज चाचा बहुत पैसेवाले है और बहुत अच्छे इंसान है. मेने बताया ना तुमको कि इन्होने मुझे रात भर बैठने की जगह दी? और 1-2 लड़के बट्तमीज़ी कर रहे थे तो चाचा ने उनको मारके ठीक किया था. यह नही होते तो ना जाने मे वो सफ़र कैसे करती. " यह कहते डॉली खुद से हस्ते दिल ही दिल मे बोली सीट देने के बदले मुझे खूब चोदा था चाचा ने. बहुत बदमाश है चाचा, मा तुम बच के रहना आज वो तो तुझे भी चोदने वाले है. तुझे फास के आज चोदने ही आए है वो. राज को अच्छा लगा जब डॉली उसके बताए डाइलॉग बोल रही थी. शन्नो की आँखो मे आँखे डालते वो बोला, "आरे इसमे क्या बेटी, यह तो मेरा फ़र्ज़ था, आप होती तो आप भी ऐसा करती ना डॉली जैसी खूबसूरत लड़की के लिए भाभी? " शन्नो राज की नज़र देख कर ज़रा सहम जाती है लेकिन उसकी हां मे हां मिलाती है. राज की नज़र देख कर डॉली समझ जाती है कि उसकी मा को चाचा आज ज़रूर चोद्के रहेगा. वो किचन से चाचा के लिए पानी लाके अपनी मा से बोलती है, "मा मुझे ज़रा सुमन से काम है. मे 15 मिनिट मे आती हूँ, तुम चाचा का ख़याल रखना. चाचा आप आरामसे जाना, मे अभी आती हूँ. " इतना कहते अपनी मा को कहे बिना डॉली वहाँ से निकल जाने लगती है. शन्नो उठके उसे रोक कर हल्के से मीठी की दुकान से कुछ मिठाई लाने बोलती है. डॉली हां बोलती है लेकिन उसे पता होता है कि वो अब 2-3 घंटे आनेवाली नही. राज ने ही उसे ऐसा करने बोला था और राज को यह देख कर खुशी हुई कि उसकी डॉली रंडी उसकी बात बारबार मान रही थी. शन्नो फिर राज के सामने बैठती है. उसके उतने बैठने मे पल्लू ज़रा सरक जाता है और अब उसका एक मम्मा पल्लू के बाहर आता है. राज उसका वो मम्मा देखते बोलता है, "बड़ी प्यारी बेटी है आपकी भाभी, बहुत नेक और शरीफ. कल स्टेशन पे मुझे बार-बार थॅंक्स भी बोली. उसने बताया होगा कैसे मेने रात भर उसे मेरी गोदी मे बिठाया था. " डॉली के नंगे जिस्म का सोचते और अब उसकी मा का वो मम्मा देख कर राज का लंड उठने लगा था. शन्नो राज की नज़र समझते पल्लू ठीक करते सोचती है कि क्या इस आदमी ने उसकी डॉली को गोद मे बिठा के कुछ ऐसा वैसा तो नही किया होगा ना? डॉली तो नादान है, उसने समझा भी नही होगा कि यह मर्द उसके जिस्म से मज़ा ले रहा है. शन्नो को सोच मे डूबे देख राज बोला, "क्या हुआ भाभी? क्या सोच रही हो? कहाँ खो गये? " अपने विचारो से बाहर आते शन्नो बोली, "नही ऐसा कुछ नही भाई साहब. मेरी बेटी की मदद करने के लिए थॅंक्स. डॉली भी आपकी बहुत तारीफ करती है. वैसे राज भाई क्या लेंगे आप? ठंडा लेंगे या कुछ गरम. " राज शन्नो का नंगा पेट देख कर सोचता है, तुझे ही लेने आया हूँ साली, कल बेटी को चोदा आज तुझे चोदना है. अभी तू ठंडी है लेकिन थोड़े टाइम मे तुझे गरम करके चोदुन्गा. फिर ज़रा स्माइल देके बोलता है, "आरे आप जो भी पिलाओगी तो पी लेंगे भाभी, पर यह तकालूफ क्यों? वैसे मुझे चाइ चलेगी. " शन्नो उठके बोलती है, "आरे तकल्लूफ क्या इसमे, यह तो मेरा फ़र्ज़ है. आपने मेरी बेटी के लिए इतना किया तो क्या मे आपको चाइ भी नही पिला सकती? " राज की तरफ स्माइल करके वो चाइ बनाने उठके किचन की तरफ जाती है. शन्नो को राज की नज़र मे हवस नज़र आ रही थी पर एक फ़र्ज़ के तौर पे उसे यह करना ही था. उसे पक्का यकीन हुआ था कि राज ने उसकी कमसिन नादान बेटी को ज़रूर मसला होगा. राज उसकी मटकती गांद देख कर खुश होता है. पीछे से शन्नो का जिस्म देख कर वो बोला, "वैसे एक बात है भाभी, डॉली बिल्कुल आप पे गयी है, वोई चहेरा, वोई रंग, एकदम आपकी कॉपी है वो. एक आपकी हाइट और. . . . . , मेरा मतलब एकदम मस्त बेटी है आपकी. " राज की इस बात पे शन्नो ज़रा चमकते उसे देखती है. राज की नज़र से अब हवस टपक रही थी. वो बिंडास्ट उसकी तारीफ कर रह था. उसने करीब-करीब बोला कि डॉली और उसकी हाइट और मम्मे या पिछवाड़ा छोड़के बाकी सब एक जैसा है. शन्नो पहली बार ऐसे मर्द के सामने थी जो पहली मीटिंग मे ही इतनी बोल्ड्ली बात कर रहा हो. अपना पल्लू पीछे से घूम कर कमर मे डालते वो बोली, "अब मेरी बेटी है तो रंग रूप मेरा ही लेगी ना वो राज भाई? " राज बिंडास्ट शन्नो के सामने उसके जिस्म को देखते बोला, "हां आपकी बेटी आपका ही रूप लेगी. आपको पता है परसो रात भर वो बे-फिकर होके सोई थी मेरी गोदी मे. जैसे ट्रेन चली और हवा आने लगी वो सो गयी. " राज की इस बात पे अब शन्नो को करीब-करीब यकीन होता है कि इसने कुछ तो ज़रूर किया होगा उसकी बेटी के साथ. कितनी तारीफ कर रहा है यह मेरी बेटी की. डॉली को भी कितना अच्छा लगा यह आदमी. फिर राज की हवस भरी नज़र देखते वो बोली, "मेरी डॉली को बहुत जल्दी नींद आती है. खाना खाने के बाद वो 10 मिनिट मे सो जाती है. और एक बार सो गयी तो सुबह तक उठती नही, गहरी नींद सोती है वो. " "हां मे तभी समझ गया जब डॉली मुझसे एकदम लिपट के सोई. सुबह भी स्टेशन आने पर उसे हिला-हिलाके जगाना पड़ा मुझे. " राज यह सब बोल रहा था लेकिन उसे याद आ रहा था कि कैसे रात भर उसने डॉली को चोदा था. राज की यह बात सुनके शन्नो शर्मा जाती है. वो समझती है कि राज ने रात भर मे डॉली के साथ खूब खेला है. डॉली की ऐसी लापर वाही से यह डॉली किसी दिन किसी मर्द से चुद जाएगी. भोली लड़की को पता नही यह मर्द कितने हरामी होते है और उसकी जैसी कमसिन लड़की को चोदने को कैसे बेकरार होते है. यह राज शर्मा था, पंडित था, इसने ज़रूर उसकी बेटी को खूब मसला होगा. शन्नो को सोच मे डूबी देख राज किचन मे जाके बोलता है, "आरे किस सोच मे फिर से खो गयी आप भाभी? " शन्नो राज को किचन मे देख कर चोन्क्ते बोलती है, "नही कोई बात नही राज भाई, आप आप बैठो ना हॉल मे, अभी मे चाइ लाती हूँ. " राज एक चेर खीच के बैठते बोलता है, आरे उतनी दूर से ठीक से बात नही होती इसलिए यहाँ आया हूँ. वैसे भाभी जी आप एक बात पूछता हूँ, आप बुरा मत मानो, आप डॉली को पूरे कपड़े क्यों नही पहनाती हो? मतलब खुद को देखो कितनी सज सवर्ति हो पर बेटी को एक सलवार कमीज़ बस? बाकी कोई कपड़े भी नही देती उसे आप? " राज की बात से शन्नो को जैसा झटका लगता है. हैरानी से राज की तरफ देखते वो बोलती है, "क्या-क्या मतलब है आपका? मे कुछ समझी नही राज भाई. " राज शन्नो का हाथ पकड़के चेर पे बिठाते बोलता है, "आरे भाभी आप देखो, यह लाल साड़ी, उसपे यह स्लीव्ले ब्लाउज, उसके नीचे के कपड़े पहनी हो पर डॉली सिर्फ़ सलवार कमीज़ मे थी, नीचे कुछ नही पहना था उसने, क्या यह अच्छी बात है? " राज के हाथ पकड़ने से शन्नो के जिस्म मे एक करेंट दौड़ता है. अपना हाथ छुड़ाने की कोशिश करते वो बोलती है, "यह आप कैसी बात कर रहे है मुझसे? और मेरा हाथ क्यों पकड़ा है? " राज शन्नो का दूसरा हाथ भी पकड़ते उसको देखने लगता है. शन्नो की हाथ छुड़ाने की कोशिश को देखते बोलता है, "आरे कौनसी ग़लत बात की मेने भाभी? जवान बेटी है तो कपड़े भी अच्छे चाहिए ना? वो टाइट सलवार कमीज़ मे अपने देखा उसका बदन कैसे उभर आया था? कोई मनचला कुछ भी हरकत कर देगा उसे ऐसा देख कर. खुद को ही देखो कैसे अच्छे कपड़े पहनी हो, कितनी सुंदर लगती हो और बेटी को कैसे कपड़े पहनाती हो? " राज की बोल्डनेस और डेरिंग देख कर शन्नो दंग रह गयी. शादी के बाद पहली बार उसे किसी मर्द ने ऐसा पकड़के उसकी तारीफ की थी. शादी के पहले उसका शरद नाम के एक लड़के के साथ चक्कर था. शरद ने 19 वी साल मे पहली बार उसे चोदा था और शादी के एकदिन पहले तक वो शन्नो को चोद्ता रहा और शन्नो के जिस्म की प्यास भुज़ाई थी. शादी के बाद जब भी वो मेके जाती तो शरद से ज़रूर चुदवाति. शादी के 3 साल तक वो शरद से चुदवाति थी पर जब शरद नौकरी के चक्केर मे देल्ही जाके सेट्ल हुआ तबसे तो ना उसे शरद जैसा मर्द मिला और ना चुदाई मे वैसा मज़ा. शन्नो राज के अंदर वही जोश फील करती है. इसे लगता है कि राज तो शरद से भी अच्छा होगा. अभी डॉली भी घर पे नही है तो वो राज को बढ़ावा दे सकती है पर उसे बदमानी का डर भी लगता है. राज की ऐसी बातो से वो समझी कि डॉली की रज़ामंदी से उसने डॉली को खूब मसला होगा. इससे पता होता है यह मर्द लोगो की नीयत कैसी होती है. लेकिन बेचारी शन्नो को पता नही था कि डॉली तो राज से चुद चुकी है और उसने राज के कहने पे ही उसे घर बुलाया था उसकी मा को चोदने. यह सब सोचते-सोचते शन्नो राज के किसी भी सवाल का जवाब नही दे पे. उसे चुप पाके राज अपना हाथ शन्नो के कंधे पे रखते उसके पास चेर सरकाते कहा, "शन्नो भाभी आपने अभी डॉली को ठीक से देखा है? उसका बदन कितना भर गया है, जवान हो गयी है वो. इतनी खूबसूरत लड़की को कोई भी मवाली उठाके ले जाएगा तो सोचो क्या होगा? अगर आपने उसपे ध्यान नही दिया तो आपके जैसी इतनी खूबसूरत बेटी गवा दोगि. ट्रेन मे भी 1-2 लड़को ने उसको टच किया तो मेने उनकी मा बेहन एक की लेकिन हर जगह मे तो नही हो सकता ना? आप डॉली को ब्रा भी तो नही पहनाती हो, अब उसका जिस्म भर गया है, उसे अब ब्रा पहनानी शुरू करो. " शन्नो कैसे भी अपना हाथ छुड़ाते खड़ी होती है. राज की बाते सुनके उसका दिल ज़ोर्से धड़कने लगता है. वो तो अब सीधे बोला कि डॉली ब्रा नही पहनती, इसका मतलब इस हरामी ने उसकी बेटी के मम्मे ज़रूर मसले है. उसे अब राज से आँख मिलाने मे भी डर लग रहा था फिर भी वो राज को चाइ देते उसको देख के बोली, "जी ठीक है राज भाई, अब मे इस बात का ध्यान रखूँगी और डॉली को ढंग के कपड़े पहनाउंगी. यह लो चाइ पिओ आप. " चाइ का कप टेबल पे रखते राज फिर हाथ शन्नो के कंधो पे रखते बोला, "वैसे भाभी आपने तो खुद को काफ़ी अच्छा मेंटैनेड रखा है. इस उमर मे भी आप डॉली की मा नही बेहन लगती हो. " राज के हाथ और डाइरेक्ट ऐसा बोलने से शन्नो को अच्छा तो लगता है लेकिन डर से वो बोलती है, "राज भाई प्लीज़ हाथ दूर करिए, यह आप क्यों बार-बार मुझे टच कर रहे है? " राज अब शन्नो की नेक सहलाते बोलता है, "आरे कुछ नही भाभी, अब आपको बताता हूँ उन लड़को ने आपकी डॉली को कैसे टच किया, कैसे उसके जिस्म के साथ खेला और उसे तंग किया. " असली मे शन्नो को राज का हाथ शरद जैसा फील हो रहा था. राज का हाथ भी वैसा ही कड़क लग रहा था जैसे शरद का था. शन्नो को अच्छा लग रहा था लेकिन आपने आपको सम्हालते वो राज से बोलती है, "देखो राज भाई, किसी की बीवी हूँ आप मुझे ऐसे हाथ मत लगाए. आप शरीफ आदमी लगते है और मेरी बेटी की मदद की इसलिए मे अब तक चुप थी. लेकिन अब आप प्लीज़ कोई भी ऐसे वैसे हरकत मत करना और मुझे मत छूना. " शन्नो की बात उनसुनी करके राज उसके पल्लू से खेलते बोलता है, "आरे भाभी मे शरीफ हूँ ही इसलिए तो आपकी बेटी को रात भर गोदी मे सुलाया और अब आपको बोल रहा हूँ कि डॉली ब्रा पहनने की उमर की हो गयी है. क्या आपको जानना नही कि उसको ब्रा नही पहनाने से आपकी बेटी को उन लड़को ने कैसे छेड़ा था ट्रेन मे? कैसे उसके बदन से खेले थे? कहाँ-कहाँ हाथ लगाया था आपके बेटी के जिस्म पे? " शन्नो अब राज की हरकत और बातो से और सिहर्ती है. वैसे तो पति टूर पे रहने से वो सेक्स के लिए बहुत तड़प रही थी. इतने सालो से उसने अपनी फीलिंग्स पे कंट्रोल रखा था पर आज इस राज के सामने वो बेबुस थी. शन्नो उसे रोकना चाहती थी लेकिन एक तो राज ने डॉली को मसला और अब उसे टच करके डॉली के बारे मे ओपन बात करके वो शन्नो को गरम कर रहा था.[/color:32n8qqvh][/size:32n8qqvh]

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