मेरा बेटा ऐसा नही है compleet

[color=#FF0000:2933ttz9][size=150:2933ttz9] मेरा बेटा ऐसा नही है

सादिया लाहौर मे अपने शौहर और इकलौते बेटे के साथ रहती है. सादिया की एज हे 38 और वो एक हाउस वाइफ हे.

सादिया के हज़्बेंड 50 ईयर्स ओल्ड हैं और प्राइवेट कंपनी मैं सेल्स मॅनेजर हैं. सादिया का एक ही बेटा हे अली जो 18 साल का हे और फर्स्ट ईयर का स्टूडेंट हे.

सादिया बहुत ही सिंपल शरमाने वाली लकिन लुक बहुत सेक्सी ऐंड पर्फेक्ट फिगर की मालिक हे और अपनी लाइफ मैं बहुत खुश हे. सादिया का फिगर 34 28 36 हे कलर वाइट हे लोंग ब्राउन हेर.

सादिया के हिप्स उभरे हुए और बहुत सॉफ्ट हैं. बूब्स बहुत मुलायम हैं निपल्स मीडियम और ब्राउन हैं.

सादिया बहुत ही हॉट न हॉर्नी हे और जब उस के सेक्सी जज़्बात जागते हैं तक वो बहुत गीली हो जाती हे नॉर्मल गर्ल्स/लॅडीस से कहीं ज़ियादा.

अली इस 18 ईयर्स ओल्ड अली छोटी उमर से ही बहुत ही सेक्स लवर लड़का था उस का जिस्म बहुत सेक्सी ऐंड क्यूट हे और लंड 7" लोंग ऐंड काफ़ी मोटा हे. ये सब दो साल पहले शुरू हुआ था.

अली के डैड अक्सर काम के सिलसिले मैं आउट ऑफ सिटी रहते हैं इस लिए ज़ियादा टाइम अली अपनी मों सादिया के साथ रहता हे.

अली का अपना बेड रूम हे जहाँ वो स्टडी करता हे कंप्यूटर यूज़ करता हे रेस्ट करता हे सोता हे लकिन सादिया अक्सर अकेले होने की वज़ह से अक्सर अली को अपने रूम मैं सुलाती अपने बेड पे.

क़रीब दो महीने पहले अली अपनी मा के साथ उन के बेड पे सो रहा था के अचानक पियास की वज़ह से सादिया की आँख खुली और उस ने अली का हॅंड अपने हिप्स पे फील किया लकिन उस ने इस बात को फील नही किया और अली का हॅंड अपने हिप्स से हटा दिया उठ के पानी पीया और फिर सो गए.
सुबह सादिया उठी तो देख अली बिस्तर मैं नही था उस ने टाइम देखा तो फ़ौरन खड़ी हुई और ब्रेकफास्ट बनाना की तयारी करने लगी क्यों के अली ने कॉलेज जाना था.

अली अपने रूम से तैयार हो कर बाहर आया और डाइनिंग टेबल पे ब्रेकफास्ट का वेट करने लगा. अली की नज़र किचन मैं गयी जहाँ सादिया उस के लिए ब्रेकफास्ट बना रही थी.

सादिया की बॅक अली की तरफ थी और अली अपनी मा को देख के हार्ड होने लगा क्यों के एक तो सादिया रफ कंडीशन मैं खड़ी थी और उस के हेयर खुले हुए थे और जल्दी मैं ब्रेकफास्ट बनाने की वज़ह से सादिया की कमीज़ उस के गांड़ मैं फसी हुई थी जिस से सादिया की गांड़ का नज़ारा बहुत सेक्सी दिखाए दे रहा था.

सादिया ब्रेकफास्ट बनाने के साथ साथ किचन के और काम भी कर रही थी इस लिए उस की गांड़ मैं फसी कमीज़ उसकी गांड़ की शेप को क्लियर दिखा रही थी.

जैसे जैसे सादिया मूव करती इधर उधर होती अली का लंड और टाइट होता और हार्ड होता उसे बहुत अच्छा फील हो रहा था और अली स्लो स्लो अपने लंड को अपनी पैंट के ऊपर से रब कर रहा था मसल रहा था.

अचानक अली की जान निकल गयी जब सादिया ने अचानक अली की तरफ देखा…

सादिया: अली बेटा बस ब्रेकफास्ट तैयार है मैं अभी लाती हूँ सॉरी आज मेरी आँख नही खुली इस लिए देर हो गयी.

अली की जान मैं जान आ गयी क्यों के वो बाल बाल बचा था और फ़ौरन अपना हाथ अपने लंड से हटा लिया था.

अली: इट्स OK मा अभी टाइम है कॉलेज जाने मैं.

सादिया: बेटा जब तुम जल्दी उठ गये थे तो मुझे भी जगा देते.

अली: मा आप मज़े की नींद कर रही थीं इस लिए नही जगाया सॉरी.

सादिया ब्रेकफास्ट ले के अली के साथ चेयर पे बैठ गयी और दोनो ने नाश्ता किया फिर अली खुदा हाफ़िज़ कह के कॉलेज रवाना हो गया और सादिया फ्रेश हो के घर के काम करने लगी.

अली अपनी मा सादिया के लिए हॉट तो था लकिन सिर्फ़ देखने की हद तक उस से ज़ियादा नही. बस कभी कभी जाने अंजाने अली अपनी मा की गांड़ को या मम्मों को टच कर लेता वो भी आक्सिडेंटली.

अली ने कई बार कोशिश की लकिन आज तक वो अपनी मा को नंगा नही देख सका था ना ही कभी उस ने अपनी मा सादिया की ब्रा देखी ना अंडरवेर बस सिर्फ़ 1, 2 बार बिना दुपट्टे देखा या कमीज़ सादिया की गांड़ मैं फसी देखा उस से ज़ियादा नही क्यों के सादिया इन चीज़ों का बहुत ख़याल करती थी शुरू से कोई घर मैं हो या ना हो उस की आदत थी खुद को ढांप के रखना.

अली जब कॉलेज से वापस आया तो सादिया अपने रूम मैं अपने बेड पे सो रही थी. अली ने कपडे चेंज किए और शलवार कमीज़ पह्न के अपनी मा के रूम मैं गया और बेड पे जा के लेट गया.

काफ़ी देर बाद अली ने करवट ली तो सादिया की बॅक उसकी तरफ थी और अली ने अपना हाथ अपनी मा के गांड़ पे रखा और आँखें क्लोज़ कर दी.

सादिया की आँख खुल गयी जब अली ने अपना हाथ उस के गांड़ पे रखा लकिन सादिया ने कुछ नही कहा वो उसी तरह आराम से बिना मूव किए लेटी रही क्यों के सादिया दिल मैं सोच रही थी के कहीं अली उस के साथ अपनी मा के साथ कुछ गलत करने के इरादे से तो नही टच कर रहा?

फिर वो सोचती के नही सादिया तुम्हारा बेटा ऐसा नही है वो ऐसी हरकत कभी नही कर सकता वो भी अपनी मा के साथ वो तो बहुत शरीफ है इनोसेंट है. और अभी उस के ऐज भी नही है ऐसा कुछ सोचने की.. करने की.. नही नही ये मेरा वहम है मेरा बेटा ऐसा नही है.

फिर ख़याल आता के सादिया आज कल जो ज़माना है इस ऐज के बचे भी सब जानते हैं और कुछ भी कर सकते हैं खैर उसे कुछ समझ नही आ रहा था के अली ने अपना हाथ उस के गांड़ पे क्यों रखा.

काफ़ी देर वो सोचती रही फिर उसे यक़ीन हो गया के अली ने नींद मैं अपना हाथ रखा हो गा क्यों के अली ने अपना हाथ बिल्कुल भी मूव नही किया जहाँ रखा था वहीं रखे रहा और अगर वो फील कर रहा होता तो लाज़मी मूव करता खैर ऐसा सोच के सादिया को तसली हुई और वो कुछ देर बाद उठ के बाहर चली गयी.

उधर अली सच मैं अपनी मा सादिया को फील करने के लिए मज़ा करने के लिए टच कर रहा था लकिन उस मैं इस से ज़ियादा हिम्मत नही थी जिस की वज़ह से उस ने सिर्फ़ अपना हाथ अपनी मा सादिया के गांड़ पे रख दिया और ज़रा भी मूव नही किया.

रात को अली स्टडी कर के अपनी मा के रूम मैं आया तो देखा उसकी मा बेड पे लेटी हुई थी और टीवी देख रही थी.

अली: मा आप सोई नही अभी तक?

सादिया: नही बेटा मुझे नींद नही आ रही थी इस लिए टीवी देख रही हूँ. तुम ने स्टडी कर ली?

अली: जी मा मैं ने कर ली. चलें टीवी देखते हैं.

अली अब बेड पी आ गया और अपनी मा के साथ लेट के टीवी देखने लगा.

कुछ ही देर मैं अली की आँख लग गयी फिर सादिया ने टीवी ऑफ किया और सोने के लिए लेट गयी. सादिया ने करवट ली और अपनी बॅक अली की तरफ कर के सोने लगी के अचानक अली का हाथ दोबारा उस के गांड़ पे आया लकिन इस बार गांड़ के ऊपर नही सीधा सादिया की गांड़ के बीच की लें मैं गया.

सादिया को झटका लगा क्यों के अली का हाथ बिल्कुल उस की सॉफ्ट गांड़ के बीच मैं था गांड़ के सुराख पे. अली का हाथ अपनी गांड़ और गांड़ के सुराख पे टच होते ही सादिया ने गांड़ को टाइट किया फिर जल्दी से अपनी गांड़ को मूव किया जिस से अली का हाथ बेड पे आ गया.

अली जाग रहा था और उसे बहुत मज़ा आया जब उस ने अपनी मा की गांड़ मैं अपना हाथ रखा क्यों के वो जगह बहुत गरम थी बहुत हीट थी वहाँ और बहुत सॉफ्ट भी फिर वैसे ही अचानक उसका मज़ा खराब भी हो गया जब सादिया ने अपनी गांड़ आगे मूव कर के उस का हाथ वहाँ से हटा दिया. वो डर भी गया था लकिन वो सोने की आक्टिंग करने लगा.

सादिया ने आराम से अपना सिर उठा के अली की तरफ देखा जो सकूँ से सो रहा था. सादिया को दोबारा वही सोच आने लगीं उसे कुछ समझ नही आ रहा था के ऐसा क्यों हो रहा है और अगर अली जान बूझ के ऐसा कर रहा है तो उसकी किया वज़ह है वो ऐसा क्यों कर रहा है वो भी उस के साथ अपनी मा के साथ.

सादिया काफ़ी देर सोचती रही और जागती रही लकिन उसे कोई जवाब ना मिला उसे कुछ समझ नही आया और उस के बाद अली का हाथ भी दोबारा उसे टच नही हुआ खैर वो फिर सो गयी.

सुबह सादिया जल्दी उठी और अली को उठा के ब्रेकफास्ट बनाने चली गयी.

डाइनिंग टेबल पे दोनो मा बेटा नाश्ता कर रहे थे बिल्कुल खामोश के अचानक सादिया ने कहा.

सादिया: अली बेटा रात तुम ने नींद मैं अचानक मुझ पे अपना हाथ रखा और मैं डर गयी.

अली: अच्छा सच मैं मुझे तो याद नही है शायद मैं नींद मैं था सॉरी मा बट आप डर क्यों गयी थीं?

सादिया: बेटा मेरी अभी आँख नही लगी थी और तुम्हारा हाथ अचानक मेरे ऊपर आ गया इस लिए मैं डर गयी थी.

अली: ओह सॉरी मा मैं नींद मैं हूँ गा वरना जागते मैं ऐसा कभी नही करता.

सादिया: इट्स ओके बेटा मैं जानती हूँ तुम सो रहे थे.

अली के डैड उसी वक़्त घर आ गये फिर उन्हों ने खैर खेरियत पूछी और अली के डैड फ्रेश होने चले गयी सादिया किचन मैं अली के डैड के लिए ब्रेकफास्ट बनाने चली गईं और अली अपना ब्रेकफास्ट फिनिश कर के अपने हाथ वॉश करने किचन मैं एंटर हुआ.

किचन मैं सादिया अपने खुले बालों के साथ खड़ी थी अली जैसे से अपनी मा की बॅक से गुज़र रहा था सादिया कुछ उठाने के लिए नीचे झुकी जिस से अली का हाथ सादिया की गांड़ पे लगा.

अली को दोबारा बहुत मज़ा आया लकिन सादिया को एक दम झटका लगा और वो जल्दी से सीधी खड़ी हुई जिस से उस के सिर सामने ओपन शेल्फ से जा लगा.

सादिया की धीमी लकिन सेक्सी आह निकली दर्द से. फिर फ़ौरन सादिया ने अपना हाथ अपने सिर पे रखा और बेधीयानी मैं पीछे हुई और इस बार अपनी गांड़ अपने बेटे अली के हाथ पे प्रेस की वो भी ज़ोर से.

अली ने अपना राईट हाथ वहीं अपनी मा की गांड़ मैं प्रेस किए रखा और लेफ्ट हाथ को अपनी मा के सिर पे जहाँ उसकी मा का हाथ था उस पे रख के पूछा किया हुआ मा सब ठीक तो है आपको ज़ोर की तो नही लगी?

ये सब अचानक और इतनी जल्दी मैं हुआ के सादिया को समझ ही नही आया के ये किया और कैसे हो गया और अभी तक उस के बेटे अली का राईट हाथ उस के गांड़ मैं ही था लकिन उस ने अपना सिर ज़ोर से दबाया हुआ था के कहीं कट ना लग गया हो.

अली इस मौके का बहुत फ़ायदा उठा रहा था उस ने अपना हाथ अपनी मा के गांड़ मैं ही दबाए रखा उसे बहुत मज़ा आ रहा था उस का लंड फुल हार्ड था.

अली वैसे ही सादिया को वहाँ से बाहर ले आया और चेयर पे बिठाने लगा अभी तक अली का हाथ उसकी मा की गांड़ मैं था और उस ने वैसे ही अपनी मा को चेयर पे बिठा दिया.

नीचे अली का हाथ उस पे उसकी मा की गांड़ के. अचानक सादिया को होश आ गया.

सादिया: अली बेटा अपना हाथ तो निकालो मेरे नीचे से.

सादिया की आवाज़ मैं गुस्सा भी था जिस से अली डर गया और जल्दी से अपना हाथ अपनी मा के नीचे से हटा लिया और साथ वाली चेयर पे बैठा गया सादिया का सिर दबाने.

अली: सॉरी मा मैं परेशां हो गया था इस लिए नोटीस नही किया.

सादिया: इट्स ओके बेटा आई आम फाइन नाउ यू मे लीव नाउ यू विल बे लेट फॉर योर क्लास.

अली: ओके मा बट आर यू श्योर देत यू अर फाइन?

सादिया: हाँ बेटा मैं ठीक हूँ.
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