घर के रसीले आम compleet

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[size=200:1wn6k83u][color=#BF00BF:1wn6k83u]घर के रसीले आम[/color:1wn6k83u][/size:1wn6k83u]
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[color=#FF0000:1wn6k83u]सावधान -यह कहानी सिर्फ़ वो ही पढ़े जिन्हे मम्मी की कहानी अच्छी लगती है
और आगे भी यदि आप ऐसी कहानी जो मम्मी या बहन को चोदने की हो पढ़ना पसंद करना चाहते है तो रिप्लाइ करना.[/color:1wn6k83u]

[color=#8000BF:1wn6k83u]ले बेटा अब इक्का मार दिया और इस बार भी जीत मेरी हो गई चल अब वापस से पत्ते फेटना शुरू कर दे, यह कहते हुए हरिया ने ताश की गद्दी अपने सामने बैठे हुए किशणा की तरफ बढ़ा दी और आराम से पीछे की ओर दीवार से टिक कर अपने दोनो पैरो को मोड़ कर अपनी दोनो जाँघो से अपनी लूँगी मे खड़े मूसल लंड को दबा कर वापस बाहर दरवाजे की ओर अपने घर के आँगन मे देखने लगा जहा उसकी मम्मी बैठी-बैठी चावल साफ कर रही थी, हरिया का मुँह दरवाजे की ओर था जहा से उसे उसकी भरे बदन की 46 साल की गदराई मम्मी कमला नज़र आ रही थी,

और किशणा का मुँह अपने दोस्त हरिया की ओर था जो बैठा-बैठा ताश फेट रहा था, हरिया बैठा-बैठा अपने खड़े मोटे लंड को अपनी दोनो जाँघो के बीच मसल्ते हुए अपनी भरपूर जवानी से भरी हुई मा को देखते हुए किशणा से बाते कर रहा था, हरिया का यह रोज का काम था वह अपनी मम्मी के गथिले बदन जिसका कि वह दीवाना था, जब भी मोका मिलता देखने से चुकता नही था. कुछ देर बाद किशणा उठ कर अपने घर की ओर चला जाता है और हरिया वही बैठा-बैठा अपनी मम्मी की मस्त उठी हुई जवानी का रास्पान अपनी आँखो से करते हुए अपने मोटे लंड को मसल्ने लगता है, तभी कमला उठ कर खड़ी हो जाती है और उसका उठा हुआ गदराया पेट उसकी साडी और ब्लौज के बीच से साफ नज़र आने लगता है और हरिया का मोटा लंड झटके मारने लगता है, अपनी मम्मी का नंगा उठा हुआ पेट और उस पर गहरी बड़ी सी नाभि और ब्लौज मे कसे हुए उसके बड़े-बड़े पपितो के जैसी चुचियाँ देख कर वह अपने लंड को तेज़ी से हिलाते हुए देखने लगता है,

तभी कमला पास मे रखी झाड़ू उठाने के लिए जैसे ही झुकती है अपनी मम्मी की बड़े-बड़े तरबूज सी उठी और फैली हुई मोटी गान्ड को देख कर हरिया के लंड से चिपचिपा पानी आने लग जाता है, कमला वही झुक कर झाड़ू मारने लगती है और हरिया का मन करता है कि अपनी मदमस्त जवान मा की मोटी गान्ड मे जाकर अपना मुँह मार दे और उसकी गदराई उठी हुई जवानी को खूब कस-कस अपने हाथो से मसले, उसे कभी अपनी मम्मी के मोटी-मोटी चुचियाँ और कभी भारी-भारी फैले हुए चूतड़ और उठा हुआ गोरा-गोरा पेट
नज़र आता है और उसका मोटा लंड अपनी मम्मी को खूब कस-कस कर चोदने के लिए तड़पने लगता है.

यह हरिया का रोज का काम था उसका मोटा लंड अपनी मम्मी की उफान खाती गदराई जवानी को देख-देख कर ही खड़ा होना शुरू हुआ था और तब से ही वह अपनी खुद की मम्मी को ना जाने कितनी बार अपने ख्यालो मे खूब कस-कस कर चोद चुका था और अपना मोटा लंड हिला चुका था, ऐसा नही था कि उसका लंड अपनी मम्मी के भारी और गदराए जिस्म को देख कर ऐसे ही खड़ा होने लगा था, उसके पीछे भी कुछ बाते थी, जिन्होने उसे अपनी मस्तानी मम्मी के गदराए जिस्म का दीवाना बना दिया था,

हरिया स्वाभाव से सीधा उस समय उसकी उम्र करीब 16 साल रही होगी, जब वह अपने गाँव गाँव की एक चोपाल पर कुछ लड़को के साथ बैठा था, सभी लड़के चले गये और जीतू नाम का लड़का हरिया से बाते करने लगा, शाम हो चुकी थी और दोनो के बीच बाते चल रही थी, तभी जीतू ने सेक्स की बाते करने लगा जीतू- यार हरिया आज तो बहुत चोदने का मन कर रहा है
हरिया- उसे देखते हुए, मन करने से क्या होता है

जीतू- हरिया एक बात कहु, मुझे तो तेरी मम्मी की मोटी गान्ड बहुत अच्छी लगती है, जब वह चलती है तो उसकी गोरी-गोरी उठी हुई चौड़ी गान्ड इतनी मस्त लगती है कि मेरा दिल करता है कि अपना मुँह तेरी मम्मी की गान्ड मे मार दू, तेरी मम्मी को तो अपनी गोद मे पूरी नंगी बैठा कर खूब प्यार करने का मन करता है, और पता है सब से ज़्यादा सुंदर तो मुझे तेरी मम्मी का चेहरा लगता है, मेरा दिल तेरी मम्मी को बहुत प्यार करने का करता है यार

हरिया- एक दम से गुस्सा होकर खड़ा हो जाता है और, जीतू मुँह संभाल कर बात कर कामीने, तेरी मम्मी भी तो बहुत मस्त है उसे जाकर क्यो नही चोदता,

जीतू उम्र मे हरिया से 2 साल बड़ा था वह समझ गया कि हरिया को बुरा लगा है उसने हरिया का हाथ पकड़ कर वापस बैठते हुए कहा

जीतू-अच्छा भाई अब नही कहूँगा तू तो नाराज़ हो गया

जीतू- मुझे तो मेरी मम्मी भी नंगी होकर अपनी चूत मुझे दे-दे तो मे रात भर उसे चोदु, तू तो बेकार ही नाराज़ हो रहा है, देख तेरी मम्मी का शरीर पूरे गाँव की औरतो मे सबसे मस्त और सुंदर है इसलिए मैने ऐसी बात कह दी, देख हरिया मे खुले दिल का हू इसलिए तुझसे मुँह पर कह दिया और तू मुझ पर नाराज़ हो गया, और बाकी पूरे गाँव के लोग तेरी मम्मी के बारे मे बाते करते है और उसे चोदने के लिए मरते है तो तू उन्हे तो कुछ नही कहता क्यो कि वह तेरे सामने बात नही करते है इसलिए ना, खेर तुझे पसंद नही है तो मे तुझसे नही कहूँगा, पर एक बात तू ही सच-सच बता, चोदने के हिसाब से पूरे गाँव मे सबसे गथिला और भरा हुआ शरीर तेरी मम्मी का है कि नही,

जीतू की बात सुन कर हरिया कुछ ना कह सका क्यो कि जीतू सच ही कह रहा था हरिया की मम्मी की गदराई उठी हुई जवानी जो की 40 पर होने पर भी लोगो पर कहर ढा रही थी, और यह बात हरिया भी जानता था कि उसकी खुद की मम्मी बहुत सुंदर और खूब कस-कस कर चोदने लायक औरत है,

जीतू- बता हरिया क्या मे ग़लत कह रहा हू, तुझे भी पूरे गाँव मे तेरी मम्मी का शरीर ही सबसे सुंदर और भरा हुआ लगता होगा ना

हरिया- अपने सूखे होंठो को अपनी जीभ से गीला करता हुआ, हा जीतू तू कहता तो ठीक है पर मुझे यह सब बाते अच्छी नही लगती है, आज के बाद मुझसे यह सब बात मत करना

जीतू- अच्छा नही करूँगा पर प्यारे एक बार अपनी मम्मी को पूरी नंगी देख लेगा ना तो तू भी पागल हो जाएगा, मेरी मम्मी ऐसी होती तो मे तो दिन रात अपनी मम्मी को पूरी नंगी करके अपने मोटे लंड पर चढ़ाए-चढ़ाए घूमता, पर एक बात कहु तेरी मम्मी की गदराई उठी हुई गान्ड को सोच कर जब मे लंड हिलाता हू तो बहुत मज़ा आता है, तू तो अपनी मम्मी के साथ दिन भर घर मे रहता है उसका खूबसूरत चेहरा देख कर तुझे उसे प्यार करने का मन नही होता है क्या, मेरा तो दिल करता है की तेरी मम्मी को खूब प्यार करू, इतनी अच्छी लगती है मुझे पर अपने ऐसे नसीब कहा, हाँ मे तेरी जगह होता और मेरी मम्मी ऐसी मस्तानी होती तो मे अब तक उसकी हज़ारो बार चूत और गान्ड दोनो मार चुका होता,

गाँव मे और कोई तो नही पर अक्सर कुछ लड़के जो हरिया से बड़ी उमर के थे हरिया से उसकी मम्मी की बाते कर जाते थे, हरिया मन ही मन जीतू से बहुत चिडता था और उससे बचने की कोशिश करता था किंतु जीतू की बातो ने उसे अपनी मम्मी की मसल उठी हुई जवानी की ओर देखने पर मजबूर कर दिया था और जब वह अपनी मम्मी को उपर से नीचे तक देखता था
तब जब उसकी नज़र अपनी मम्मी के मटकते हुए भारी चुतडो पर पड़ती तो उसके मन से आवाज़ आती थी की वाकई जीतू कहता तो सही है मेरी मम्मी जैसी मोटी और चौड़ी गान्ड पूरे गाँव मे किसी औरत की नही है,[/color:1wn6k83u][/size:1wn6k83u]

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