दोस्त की माँ compleet

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[size=150:q5yhg79r][color=#BF0080:q5yhg79r]दोस्त की माँ [/color:q5yhg79r]
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मेरा नाम राज है ओर मैं 18 साल का हूँ, मेरा एक दोस्त है जिस का नाम शाम लाल है उस का बाप बिज़्नेस के सिलसिले मैं ज़ियादा तर आउट ऑफ सिटी रहता है घर मैं ज़ियादा तर वो ओर उस की मा अकेले ही होते हैं मैं उस की मा को आंटी कहता हू, आंटी की एज 38 साल है ऑर वो एक सुंदर औरत है, उन के बड़े-2 स्तन जो कि 40 नंबर के हैं ऑर उन की मोटी गंद… वो मेरे दोस्त के साथ जब भी बाज़ार जाती हैं तो सब लोग आँखें फाड-2 कर उन्हें देखते हैं मेरा मन भी हर वक़्त उन्हें छूने को करता है लेकिन डर लगता है. आंटी घर मैं ज़्यादा तर सारी ही पहनती थी.

एक दिन मैं कोल्लेज से सीधा अपने दोस्त के साथ उस के घर चला गया तो आंटी ने मेरे दोस्त से कहा .”लालो बेटा(वो प्यार से अपने बेटे को लालो कहती थी) मेरे साथ ज़रा दर्ज़ी के पास चलोगे” तो मेरे दोस्त ने कहा “चलें हम तीनो चलते हैं”

फिर हम दोनो खाना खा कर आंटी के साथ दर्ज़ी के पास गये आंटी ने दर्ज़ी को कपडा दिया ओर अपना पल्लू नीचे कर के दर्ज़ी से कहा “मुझे सेम इस डिज़ाइन का ब्लाउज सिल्वाना है” मैं ने देखा तो आंटी ने ब्रा नहीं पहना था उन के निपल ब्लाउज मैं से नज़र आ रहे थे, दर्ज़ी ने देख कर होंठो पर ज़ुबान फेरते होए कहा”नाप के लिया दूसरा ब्लाउज लाए हैं” तो आंटी ने कहा “नहीं इस से ही नाप ले लो” दर्ज़ी ने कहा कि “अंदर आ जाएँ” ऑर अंटी दर्ज़ी के साथ अंदर एक छोटे से कमरे मैं चली गई मेरे दोस्त ने मुझे इशारा किया तो हम दोनो भी छुप कर के उन के पीछे पीछे अंदर चले गये अंदर जा कर दर्ज़ी ने कहा”ब्लाउज उतार कर दे दें नाप ले लेता हू ऑर डिज़ाइन भी देख लेता हू” आंटी ने सारी का पल्लू नीचे गिरा दिया ओर ब्लाउज के हुक खोलने लगी मैं ऑर मेरा दोस्त कोने मैं बैठे हुए आँखें फाड-2 कर उन्हें देख रहे थे ओर सोच रहे थे कि आज उन्हें क्या हो गया है आंटी ने ब्लाउज उतार कर दर्ज़ी को दे दिया ऑर खुद उस के सामने ही स्तन तान कर खड़ी हो गई दर्ज़ी भी ब्लाउज का डिज़ाइन कम ओर आंटी के बड़े-2 स्तन ज़्यादा देख रहा था हम आंटी के पीछे बैठे हुए थे जिस की वजा से हमे उन के स्तन नहीं दिख रहे थे फिर आंटी ने दर्ज़ी से पानी माँगा तो दर्ज़ी ने बाहर छोटे को आवाज़ लगा कर पानी लाने का बोला वो पानी ले कर आया तो मैं ने दरवाज़े मे ही उस से ग्लास ले लिया ओर आंटी के पास जा कर उन को दिया तो आंटी मेरी तरफ मूड के पानी पीने लगी जिस के कारण मुझे भी आंटी के स्तन देखने का मौका मिल गया छोटा भी दरवाज़े मे खड़ा हो कर आंटी के स्तन देखे जा रहा था आंटी ने पानी पी कर ग्लास मुझे दिया तो मैं ने छोटे को दे दिया वो बाहर चला गया अब दर्ज़ी नाप ले चुका था वो आंटी से बातें कर रहा था उस ने आंटी से कहा “आप तो बहुत खूबसूरत हैं ऑर आप का फिगर तो और भी लाजवाब है” आंटी ने मुस्करा कर कहा “शुक्रिया,कई सालो से मिनटेन करती आ रही हू इसी लिए”. फिर दर्ज़ी ने ब्लाउज आंटी को दिया जिसे पहन कर आंटी ऑर मेरा दोस्त अपने घर चले गये ऑर मैं घर आ गया.

2 दिन बाद मैं ने कोल्लेज मैं लालो से कहा कि “लालो यार उस दिन आंटी के बड़े-2 स्तन देख कर तो दिल खुश हो गया था मुझे अभी तक आंटी के स्तन याद आ रहे हैं” तो उस ने कहा “हाँ यार मा के स्तन तो बहुत सुंदर हैं मुझे भी अच्छे लगते हैं” तो मैं ने कहा “काश फिर से एक बार दीदार हो जाए तो मज़ा आ जाए” तो लालो ने कहा “आज फिर मा दर्ज़ी के पास जाएगी तू भी चल ना ” तो मैं ने कहा “क्यूँ नहीं यार मैं भी जाउन्गा फिर मैं लालो के साथ उस के घर गया ओर वहाँ से आंटी के साथ दर्ज़ी के पास गये तो आंटी का ब्लाउज तैयार हो चुका था दर्ज़ी ने आंटी को ब्लाउज दिया तो आंटी ने उसे उलट पल्ट कर देखा ऑर कहा “सही है” दर्ज़ी ने कहा कि “आप पहन कर फिटिंग चैक कर लेना” ऑर वो मा को ले कर कमरे मे चला गया हम भी उन के पीछे अंदर चले गये आंटी ने अपना ब्लाउज उतार कर नया पहना तो दर्ज़ी ने कहा “ये कलर तो आप पर बहुत जच रहा है” ऑर आंटी के बड़े-2 स्तनो पेर हाथ फिराते हुए कहा “ये कपडा भी तो अच्छे वाला है” आंटी ने मुस्करा कर जवाब दिया “पहना किस ने है ये भी तो देखो” दर्ज़ी ने कहा “वो तो मैं देख हे रहा हू” फिर आंटी ने पहले वाला ब्लाउज पहना ऑर हम घर आ गये.

गर्मियो के दिन आ गये थे लालो ने मुझे बताया कि “आज कल मा को कुछ ज़्यादा ही गर्मी लग रही है मा अब ज़्यादा तर सारी का पल्लू ऐसे ही लपेट लेती हैं ब्लाउज ऑर ब्रा भी नहीं पहनती” तो मैं ने कहा “फिर कब दर्शन करा रहा है” लालो ने कहा “तू जब बोल यार”

आज मैं कोल्लेज से सीधा लालो के घर चला गया लालो की मा नहा रही थी हम अहिश्ता से बाथरूम के दरवाज़े के पास गये तो अंदर से पानी गिरने की आवाज़ आ रही थी जिस का मतलब था कि आंटी अभी नहा रही हैं हम ने आराम से दरवाज़े के पास टेबल रखी ऑर उस पर चढ़ कर रोसन्दान मैं से अंदर झाँकने लगे हमे आंटी की कमर ऑर गॅंड नज़र आ रही थी आंटी शावेर खोल कर उस के नीचे खड़ी थी फिर आंटी ने शावेर बंद किया ऑर साबुन उठा कर हमारी तरफ मूड कर अपने जिस्म पर साबुन लगाने लगी मैं ने अपने लंड को हाथ मे पकड़ लिया ऑर पैंट के उपर से ही मूठ मारने लगा फिर आंटी ने शावेर खोला ऑर नहाने लगी आंटी को देखते-2 ही लालो का लंड खाली हो गये ऑर उस की पैंट गीली हो गई मैं अभी खाली नहीं हुआ था आंटी ने शवर बंद किया तो हम नीचे उतर गये ऑर टेबल एक साइड पर रख दी ऑर लालो कपड़े चेंज करने अपने रूम मे चला गये मैं बाथरूम के सामने ही सहेन मैं चारपाई पे बैठ गये थोड़ी देर बाद लालो आ गया ओर अंत्य भी बातरूम से निकल आई आज भी उन्होने सारी के नीचे ब्लाओज ओर ब्रा नहीं पहना था वो सारी का पल्लू ठीक कर रही थी तो उन के स्तन नज़र आ रहे थे मैं जब तक उन के घर मे रहा चोर नज़रों से आंटी के स्तन देखता रहा.

आज कॉलेज मे मैं ने लालो से कहा कि “यार कुछ कर मैं आंटी के स्तन दबाना ओर चूसना चाहता हू” तो उस ने कहा “पागल हो गये है अपने साथ साथ मुझे भी पिटवाए गा माँ से, सिर्फ़ देख कर ही काम चला लो मा छूने नहीं देती” मैं ने कहा “यार दर्ज़ी ने भी तो उन के स्तन दबाए थे फिर मैं क्यूँ नहीं छू सकता” लालो ने कहा कि “फिर तो तुम्हे ही कोई प्लान बनाना पड़ेगा” मैं ने कहा “ठीक है फिर मैं कुछ सोचता हू”

मेरी समझ मे कोई प्लान नहीं आ रहा था 2 दिन बाद मैं ने लालो से कहा “चल यार आज बड़े-2 गुब्बाडे ही देख लें” तो लालो ने कहा “चल लेकिन छूने की कोसिश नहीं करना मा बहुत मारे गी” मैं उस की बात मान कर उस के साथ उस के घर आ गया,

आंटी ने आज एक पुराना ऑर पतला सा वाइट कलर का ब्लाउज पहना हुआ था जिस मैं से उन के स्तन साफ नज़र आ रहे थे मैं ने आंटी से कहा “आंटी!बहुत भूक लगी है आज क्या पकाया है आप ने” तो आंटी ने कहा “रात का सालन ही बना हुआ है भिंडी का” तो मैं ने कहा “आंटी जी! भिंडी तो मुझे बिल्कुल अच्छी नहीं लगती” आंटी ने कहा “फिर तुम्हारे लिए क्या बनाऊँ” मैं ने सोचते होए कहा कि “आंटी! आज तो मेरा मन दूध पीने को कर रहा है” आंटी ने कहा “दूध तो ख़तम हो गया है अभी रुक जाओ मैं लालो से मँगवा लेती हू फिर आंटी ने लालो को दूध लेने के लिए भेज दिया ऑर खुद मेरे पास ही चारपाई पर बैठ गये, मैं ने कहा “आंटी! आप नया ब्लाउज क्यूँ नहीं पहनती” तो आंटी ने कहा “क्या करूँ तेरे अंकल जो नहीं हैं अब पहन कर किस को दिखाउ” मैं ने कहा “तो क्या हुआ आंटी हम जो हैं आप को देखने के लिए आप उस ब्लाउज मैं बहुत सुंदर लगती हैं एक बार पहन कर तो दिखाए” तो आंटी ने कहा “चल अगर तेरा मन करता है कि मैं वो ब्लाउज पहनू तो मैं तेरा मन रखने को पहन लेती हू” आंटी ब्लाउज चेंज करने के लिए अंदर जाने लगी तो मैं भी आंटी के पीछे-2 अंदर कमरे मे आ गया ओर बेड पर बैठ गया आंटी ने अलमारी खोल कर ब्लाउज निकाला ऑर मेरे पास ही आ कर बैठ गई फिर अपना पल्लू साइड मे डाल कर ब्लाउज के हुक खोलने लगी ऑर अपना ब्लाउज उतार कर साइड मे रख दिया ऑर नया वाला हाथ मे पकड़ लिया ऑर उस के हुक खोलने लगी मैं ने कहा “आंटी! आप का फिगर तो बहुत अच्छा है” तो आंटी ने हंसते हुए मुझे सुक्रिया कहा मैं ने भी हंसते हुए आंटी के एक स्तन पर उंगली रखते हुए कहा “आंटी! इस मे क्या है” तो आंटी ने कहा “अब तो कुछ भी नहीं जब लालो छोटा होता था तब इस मे दूध था” मैं ने कहा “अब भी तो ये इतने बड़े-2 हैं क्या पता इन के अंदर दूध हो” तो आंटी ने अपना एक निपल हाथ से दबाते हुए कहा “देख अब तो इस मे कुछ नहीं है” मैं ने कहा “क्या पता आंटी! ज़ोर ज़ोर से चूसें तो निकल ही आए” तो आंटी ने कहा “तुझे इतनी ही जल्दी है दूध पीने की तो तू चैक कर ले चूस कर” फिर आंटी लेट गयी ओर मैं आंटी की साइड मे बैठ कर आंटी के उपेर झुक गया ऑर उन का निपल मूह मे ले कर चूसने लगा मैं अपने हाथो से आंटी के स्तन भी दबा रहा था आंटी ने अपनी आँखें बंद कर ली देन इतने मैं लालो आ गया वो हमे इस तरहा देख कर हेरान रह गया ऑर कहने लगा “राज यार मैं तो तेरे लिए दूध लाया हू तू ये क्या कर रहा है” तो मैं ने कहा “मैं कहा इसमे से दूध निकालने की कोशिस कर रहा हू आ तू भी आ जा” आंटी भी जोश मे आ चुकी थी उन्हो ने आँखें खोल कर लालो को देखा ऑर कहा “आ जा मेरे लाल” फिर आंटी बेड के बीच मे हो गयी ऑर हम दोनो साइडो पर बैठ कर आंटी के स्तन चूसने ऑर दबाने लगे आंटी पहले तो अपने हाथ हम दोनो के बालो मे फिरा रही थी फिर सिसकारियाँ बढ़ने लगी ऑर हमारे सिर अपने स्तनो पर दबने लगी ऑर ज़ोर ज़ोर से आहें भरने लगी.[/color:q5yhg79r]

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