मायाजाल

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गुरदासपुर । प्रकृति की अदभुत सुन्दरता और पंजाब की मिट्टी से उठती सोंधी सोंधी खुशबू को देखकर निश्चित ही कोई भी कह सकता था कि प्रकृति की देवी प्रथ्वी के इस हिस्से पर खास मेहरवान ही है ।
हरे भरे खेतों में लहराती युवा अल्हङ मदमस्त जवानी सी फ़सलें बुझे दिलों की भी उमंगे जवान करने वाली थी । इस इलाके की आबादी औसत यानी न बहुत कम और न बहुत ज्यादा थी । अधिकतर जनता खेती बाङी करती थी । और किसी न किसी रूप में खेती से जुङी थी । झूठी 21 सेंचुरी की आधुनिक कल्पना के मुँह पर करारा तमाचा सा मारते हुये यहाँ अधिकतर घरों में अभी भी गाय भैंसे आराम से देखी जा सकती थी ।
गुरुदासपुर की औरतें पूरे पंजाब में सबसे खूबसुरत होती हैं । शुद्ध हवा पानी और स्वस्थ जीवन का मूलमन्त्र असली शुद्ध घी दूध दही छाछ लस्सी का प्रचुर मात्रा में सहज उपलब्ध होना । उन्हें भरपूर औरत में बदल देता था । और इसीलिये पंजाब की हर छोरी एकदम तेजी से जवानी की ओर बढती थी । मानों पतंग की तरह बङती ही चली जा रही हो ।
सुन्दर चेहरे भरे हुये शरीर और लम्बे कद की औरतें इस क्षेत्र की पहचान थी । उनके गोल तीखे नोकीले उन्नत उरोज किसी के भी दिल को डांवाडोल कर सकते थे । चलते समय थिरकते उनके विशाल नितम्ब नारी सौंदर्य के मनमोहिनी रूप को रेखांकित करते थे ।
पंजाब के ज्यादातर लोग 1947 के बाद पाकिस्तान बनने के बाद यहाँ भारत आकर बसे थे । इसलिये इन लोगों यानि इनकी नस्ल पर पाकिस्तानी प्रभाव स्पष्ट नजर आता है ।

इसी गुरुदास पुर के एक इलाके में वह एक खूबसूरत सुबह थी । बदन को हौले हौले सहलाती हुयी सी ठण्डी हवा धीरे धीरे बह रही थी । कालेज जाने वाले लङके लङकियों के समूह सङक पर नजर आ रहे थे । तभी एक कार में फ़ुल वाल्यूम पर बजता स्टीरियो में मीका का गाना इस मदमस्त फ़िजा को मानों और भी रोमांटिक कर गया । और लहराती हुयी वह कार सङक पर जाती दो युवा लङकियों को मानों चूमती हुयी सी गुजरी – सावण में लग गयी आग । दिल मेरा फ़ाग..सुण ओ हसीणा पागल दिवाणी.. आज न सोया सारी रात दिल मेरा फ़ाग..।
– आऊऽऽच ..ओये सालिया..भैण के..। जस्सी एकदम बौखलाकर बोली – ऊपर ही चढाये दे रहा है । हरामी साला ।
जस्सी यानि जसमीत कौर । जसमीत कौर बराड उर्फ़ जस्सी 1 बेहद सुन्दर और जवान लडकी थी । और अभी सिर्फ़ 20 साल की थी । उसका कद 5 फ़ीट 8 इंच था । और शरीर 36-29-36 के नाप में दिलकश अन्दाज में ढला हुआ था । वह इतनी सुन्दर थी कि अगर फ़िल्मों में होती । तो शायद सभी हीरोइनों की छु्ट्टी ही कर देती ।
जस्सी लडकियों के कालेज में पढती थी । उसका चेहरा भरा हुआ और गोल था । उसके नैन नक्श बहुत तीखे थे । उसकी आँखे एकदम हरी और खूब बङी बङी थी । जस्सी के उभरे और विशाल नितम्ब चलते वक्त कम्पन सा करते थे । उसकी त्वचा बहुत ही चिकनी थी । और इस तरह वह 1 तरह से शुद्ध नेचुरल ब्यूटी ही थी । उसके काले घने लम्बे बाल थे । जिनका वह महिलाओं की तरह पीछे की तरफ़ जूङा लगाती थी । वह कालेज जाते वक्त ऊँची ऐडी के सैंडल पहनती थी । कालेज आदि जाने हेतु जस्सी को उसके बाप ने नया स्कूटर लाकर दिया था । उसकी गोरी गोरी टांगे और पिण्डलियाँ बेहद तन्दुरस्त थी । उसकी कमर मजबूत थी । उसका पेट एकदम सपाट और उसकी पीठ भरी हुई और मांसल थी । उसकी बाहें लम्बी और मुलायम थी । उसके हाथ बहुत सुन्दर थे । उसकी गरदन लम्बी चिकनी और सुराहीदार थी । उसके स्तन बिलकुल गोल और तीखे थे । वह अक्सर ही कसे हुए पंजाबी सूट पहनती थी । कभी कभार बेहद टाइट जीन्स भी पहनती थी । वह एक अच्छे खाते पीते जमींदार परिवार की 1 ही बेटी थी । उसका कोई बहन भाई नहीं था । इसलिये उसके माँ बाप उसे जरुरत से ज्यादा प्यार करते थे । घर में गाय भैंसे होने से और बचपन से ही जस्सी को घर का दूध । मक्खन । दही । लस्सी । मलाई मिलने से उसका शरीर बहुत विकसित हो गया था । उसके शरीर में 1 नेचरल निखार आ गया था । उसकी खूबसूरती में 1 नेचरल आकर्षण था ।
– क्या हुआ ? उसके साथ चल रही गगन एकदम से चौंककर बोली – कौन था ?
जस्सी के साथ चल रही लङकी का नाम गगन कौर था । उसके बाप का मुर्गे बेचने का बिजनेस था । उसके बाप की दुकान का नाम " न्यू चिकन कार्नर " था । जिसके चलते लोग मजाक में उसे " न्यू चिकन वाली " कहकर बुलाते थे ।
गगन कौर उर्फ़ न्यू चिकन कार्नर वाली की फ़िगर का नाप 34-28-34 था । और कद 5 फ़ीट 6 इंच था ।
उसके बाप का नाम गुरमीत सिंह था । उसकी माँ मर चुकी थी । इसलिये वह एकदम आवारा सी हो गयी थी । उसका 1 भाई था । जिसका नाम चरनदीप सिंह था ।[/color:2xgvbo1i][/size:2xgvbo1i]

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