मुझसे शादी कीजिए…..

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[size=150:1g0ojhzu][color=#8000BF:1g0ojhzu]मुझसे शादी कीजिए…..
कहानी :- रामकिशोर पंवार
उस रोज शाम को घर से निकलते समय वह बार – बार अपनी घड़ी की ओर देख कर बैचेनी महसुस कर रहा था . उसकी मनोदशा को देख कर ऐसा लग रहा था कि वह बरसो से किसी का इंतजार कर रहा हो . उसने जैसे ही सामने वाले रास्ते की ओर मुडऩा चाहा इस बीच एक काली स्याह नागिन उसके रास्ते में आ खड़ी हो गई . एक पल के लिए पहले तो थर – थर कांपने लगा लेकिन कुछ ही पल में वहाँ पर उस नागिन के स्थान पर एक सुदंर सलोनी नाग कन्या खड़ी थी जो कि बार – बार राजेश की मनोंदशा को देख कर मुस्करा रही थी . उस नाग कन्या ने राजेश से कहा कि ”जब तक मेरा दिया मणी तेरे पास रहेगा कोई भी नाग – नागिन तेरे करीब से नहीं गुजर पाएयें ………………! राजेश के पास मणी रहने के बाद भी उसकी कंपकपी कम होने का नाम नहीं ले रही थी जब वह नागिन अपने अपने मूल रूप से नाग कन्या में आई तब जाकर राजेश की जान – में जान आई . यँू तो राजेश का नाग कन्याओं से पिछले छै माह से रोज मिलना – जुलना हो रहा है . हर रोज कोई न कोई नाग कन्या उसे अपने पास उस काली घटी पर बुला ही लेती है जहाँ पर उन नाग कन्याओ का राजेश से मिलन होता है . राजेश जब भी सोता है उसे सपने में नाग – नागिन ही दिखाई पड़ते है इस बात को कई बार अपने माँ – बाप से कह चुका है अनेक भगत – भुमका उसके सपने का इलाज नहीं कर सके है. राजेश अपने परिवार के किसी भ्ी सदस्य से नाग कन्याओं के मिलन के बीते छै माह की एक भी घटना को नहीं बता पाया है. एक बार उससे उसकी छोटी भाभी ने यह जरूर कहा था कि ”भैया आपके गले में पहना मणी बहँुत बढिय़ा है वह मुझे दे दो ……………….! लेकिन राजेश ने मना कर दिया तबसे छोटी भाभी ने मँुह फुला रखा है. इधर राजेश अपने यार दोस्तो को भी उनके पुछने पर उस मणी के बारे में कुछ नहीं बताता है . इस नाग मणी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह रात में काफी चमकता है किसी पैदल चलने वाले राहगीर को अंधेरे में रास्ते दिखाने के लिए नाग मणी काफी है . राजेश के पास का नाग मणी पूरे गांव के लिए कौतूहलका विषय बना हुआ था . हर कोई उस मणी के बारे में जानने को इच्छुक है . राजेश ने अपने मँुह पर ताला लगा रखा उसे मालूम है कि अगर उसने मणी के बारे में कुछ भी बताया तो मणी तो अपने आप फूट जाएगा लेकिन नाग- नागिन के आक्रमण से उसे कौंन बचाएगा . राजेश इस बात को कई बार महसुस कर चुका है कि जब उसके पास मणी नहीं रहता है तब उसके साथ क्या होता है…….? नाग कन्या ने मणी देते समय साफ कहा था कि इसे गले में ही बांधे रखो अगर यह नहीं रहेगा तो तुम्हारी सुंगध के चलते सारे – जहरीले – बिना जहरीले नाग- नागिन तुम्हारे आसपास आ जाएगें . मणी के रहने से ऐसा नहीं होगा यह मणी तुम्हारी रक्षा करने के साथ – साथ तुम्हारे हर कृष्टï – दुख – दर्द – पीड़ा को दूर करेगा . पहले तो राजेश को उस नाग कन्या की बात पर भरोसा नही हुआ लेकिन जब – उसने स्वंय महसुस किया तो वह यकीन करने लगा .
राजेश के परिवार में पाँच भाई तीन बहने थी . उसके अलावा सभी भाई – बहनो की शादी हो गई थी . छोटी भाभी कुछ लालची किस्म की थी तभी तो उसने एक रात राजेश के गले से वह मणी निकालने के लिए ज्यों ही हाथ बढ़ाया वह चीख मार कर बेहोश हो गई . उसकी चीख सुन कर पूरा परिवार इक्कठा हो चुका था . छोटी भाभी को होश में लाने के लिए सारे गांव के सारे – जादू – टोना वाले भगत – भुमका को बुला डाला लेकिन उसे होश नहीं आया . इधर सब लोग यह जानने को उतावले थे कि छोटी आखिर राजेश के कमरे मेें क्यो गई थी…….? राजेश का भी हाल – बेहाल था क्योकि सारे – घर के लोग उसे ही शक की न$जर से देख रहे थे कि कहीं उसने तो छोटी के साथ ऐसी – वैसी हरकत तो नहीं डाली जिसकी व$जह से छोटी बेहोश हो गई . कुछ देर गुमसुम रहने के बाद अचानक राजेश के मँुह से झंाग निकलने लगी तथा उसकी आँखो से अंगारे उगलने लगे पल भर में राजेश नाग – नागिन की तरह झुमने लगा. राजेश ने अपने परिवार के सदस्यो भीड़ – भाड़ के बीच यह कह कर सनसनी पैदा कर दी कि ” जो भी राजेश के करीब आने की कोशिस करेगा उसे मैं जिंदा नही छोडुंगी ………….! राजेश मेरा है और जन्म – जन्म तक रहेगा. राजेश की पूर्व जन्म में नाग था लेकिन अकाल मौत के कारण उसकी आयु पूरी नहीं हो सकी और वह मानव योनी मेें आया . हम पिछले छै महिने से इसी कमरे में पति – पत्नि की तरह रह रहे थे लेकिन इस औरत ने हमें पति – पत्नि की तरह लिपटे देख लिया उस समय मैं नागिन रूप मेें थी अपना रूप बदल रही थी इस बीच मुझे किसी का स्पर्श हुआ तो मैंने उसे डंस लिया इसे मेरा जहऱ चढ़ा है जो इततनी आसानी से नहीं उतरेगा.
राजेश के मँुह से नाग कन्या की आवाज सुन कर पूरा गांव स्तबध था. आसपास के गांव में ऐसा कोई भी जानकार नहीं था जो कि इस समस्या का निराकरण कर सके . राजेश के पूरे परिवार का रो – रोकर हाल का बेहाल था . इस बीच गांव से हाथी वाले बाबा – लोग भीक्षा मांगते निकल रहे थे जब उन्होने एक घर के सामने भीड़ – भाड़ देखी तो वे अपने आप को रोक नहीं सके और वे भी उस मकान की ओर चले गए. भीड़ – भाड़ को हटा कर हाथी वाले बाबा कमरे के अंदर गए तो उन्होनें देखा कि एक युवती बेहोश पड़ी है तथा दुसरा युवक की मनोदशा काफी विचित्र थी . हाथी वाले बाबा ने राजेश की माँ से कहा ” माई एक लोटा पानी दे मैं अभी सब ठीक करता हँू……………..! राजेश की माँ ने एक लोटा पानी लाकर हाथी वाले बाबा को दिया लेकिन हाथी वाले बाबा राजेश पर पानी के छीटे – मारते इसके पहले ही उस कमरे से आठ – दस काली स्याह नागिन फँुकारते हुई बाहर निकली और वे हाथी वाले बाबा पर आक्रमण करने वाली ही थी कि इस बीच हाथी वाले बाबा ने अपने झोले से एक जड़ी निकाल कर ज्यों ही उन नागिनो पर फेकी वे सारी की सारी वहाँ से गायब हो गई . बाबा और कुछ करते इसके पहले वह नाग कन्या बाबा के सामने आ गई और उससे बोली ”आखिर तू क्या चाहता है……..? हाथी वाले बाबा ने नाग कन्या से कहा कि ” पहले तो तू इस युवती का ज़हर चँूस ले उसके बाद इस युवक का साथ छोड़ दे ………….! ऐसा करने में ही तेरी भलाई है . लेकिन नाग कन्या नहीं मानी उसने हाथी वाले बाबा की लाख धमकी के बाद राजेश का साथ नहीं छोड़ा तो आखिर में इस बात पर समझौता हुआ कि उस युवती का $जहर चँुस ले अगर राजेश तेरा पिछले जन्म का प्रेमी या पति है तो हम तेरा कुछ नहीं करेगें लेकिन तुझे नाग कन्या से मानव योनी में आना होगा तथा अपने सारे – सारे नाते – वाते रिश्ते छोड़ कर पूरा जीवन काल मानव योनी में बीताना होगा. नाग कन्या इस प्रस्ताव पर सहमत तो हो गई लेकिन उसकी सखी – सहेली नाग कन्याओं को जब इस प्रस्ताव का पता तो उन्होने साफ मना कर दिया. जब नाग कन्याये मानव योनी में आने को तैयार नहीं हुई तो हाथी वाले बाबा ने अपनी झोली में से एक जड़ी निकाल उसे उस स्थान पर घीसना शुरू किया जहाँ पर सर्पदंश हुआ था . कुछ ही देर मेें स्ििाति के सामान्य होतें के बाबद जब हाथी वाले बाबा ने जाने का मन बनाया तो अचानक कहीं से सर्पो के झुण्ड के झुण्ड आक्रमण कर दिया . उस समय वहाँ मौजूद सारे लोग पल भर में नौ – दो ग्यारह हो गए लेकिन हाथी वाले बाबा ज्यों – के त्यों दोनो प्रेमियो के आसपास बैठे रहे .
एक बार फिर राजेश उसी रूप में आ गया जिस रूप में अभी कुछ देर पहले था . एक बार फिर हाथी वाले बाबा ने उस सर्पो के झुण्ड ओर मंत्र गुण्गुनाते हुए दाने फेके तो पल भर में वे सर्प जो कि झुण्ड की शक्ल में आए थे पल भर में अदृश्य हो गए . इस बार बाबा ने उस नागिन से कहा कि तुझे राजेश चाहिए तो तुझे मनुष्य योनी में आना होगा बगैर उसके तुम्हारा राजेश से मिलन संभव नही है . काफी जददे जहद के बाद यह तय हुआ कि नाग कन्या अपने शरीर को त्याग कर मनुष्य योनी मे जन्म लेगी हाथी वाले बाबा ने उसे आर्शीवाद दिया कि वह अपने आने वाले जन्म मे राजेश को यदि उसके विवाह के पूर्व पा लेगी तो राजेश उसका हो जाएगा अन्यथा राजेश को उस जन्म मेेंं पाना संभव नहीं है . हाथी वाले बाबा के वचन में बद्व नाग कन्या ने आखिर अपनी सहेलियो नाग कन्याओं की लाख समझाईश को ठुकरा कर अपनी देह त्याग दी …………….. इधर राजेश को इस बात की चिंता सता रही है कि वह एक साथ दो के साथ कैसे जीवन यापन करेगा. हालाकि उस नाग कन्या को मनुष्य योनी में जन्म लेने के उपरांत एक विवाह योग्य युवती बनने में 18 से 20 साल लग जाएगा .
इति,[/color:1g0ojhzu][/size:1g0ojhzu]

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