Re: नये पड़ोसी

Share

[size=150:ay3bmfe0][color=#000000:ay3bmfe0]मुझे विश्वास नही हो रहा था जो डिल्डो मेरी बीवी की चूत में पिछले 5 घंटे से घुसा हुआ था वही अब उसके पानी से लासा हुआ मेरे हाथ में है. मेने बिना हिचकिचाते हुए उसे अपने मुँह मे ले चाटने लगा. मुझे उसकी चूत के पानी का स्वाद सही में अछा लग रहा था. जब मेने उसे चाट कर साफ कर दिया तो उसे बिस्तर पर रख दिया.

मिनी अब तक मेरे लंड को पकड़े हुए थी. उसने मेरी तरफ़ देखा और घुटनो बल बैठ कर मेरे लंड को अपने मुँह में ले चूसने लगी. वो एक हाथ से मेरा लंड पकड़ चूस रही थी और दूसरे हाथ की उंगलियों से अपनी चूत को चोद रही थी. पर उसकी नज़रें प्रशांत और इनलोगो पर गढ़ी थी जहाँ मेरी बीवी की दोहरी चुदाई हो रही थी.

मेने अपना ध्यान मिनी से हटाया और फिर प्रीति पर केंद्रित कर दिया. मेने देखा की अविनाश आधा खड़ा हो अपने लंड को प्रीति के मुँह मे दे धक्के मार रहा था. प्रीति भी पूरी ज़ोर से उसे चूस रही थी. जब उसका लंड पूरी तरह से तन गया तो उसने प्रीति के थूक से लसे अपने लंड को ले प्रीति की टाँगे के बीच आ गया.

प्रीति अपनी टाँगे थोड़ी और चौड़ी कर पीछे को पसर गयी. अविनाश एक हाथ से अपने लंड को पकड़ प्रीति की चूत पे रगड़ने लगा. अब मेरे बीवी की दो लंड से चुदाई होने वाली थी. एक उसकी गंद में और दूसरा उसकी चूत मे.

अविनाश ने प्रीति की एक टांग को जाँघो से पकड़ा और अपनी कोहनी पे रख दी. इससे प्रीति की चूत और खुल गयी. थोड़ी देर अपने लंड को रगड़ने के बाद उसने एक ही धक्के मे अपना लंड उसकी चूत मे पेल दिया. अब वो धक्के लगा उसकी चूत को चोद रहा था.

प्रीति प्रशांत के छाती पर लेटी अपनी जिंदगी की सबसे भयंकर चुदाई का आनंद ले रही थी. उसका चेहरा इधर उधर हो रहा था और साथ ही उसके मुँह से सिसकारियाँ फुट रही थी.

में अंदाज़ा लगाने की कोशिश कर रहा था कि जब एक लंड चूत की जड़ों तक पहुँचता है और दूसरी तरफ दूसरा लंड गंद की जड़ों तक पहुँचता है तो शरीर में दोनो लंड के संगम का आनंद कैसा रहता होगा. प्रीति इसी संगम का आनंद उठा रही थी, "में तुम दोनो के लंड को अपने मे महसूस कर रही हूँ, अवी ज़ोर से चोदो मुझे हाआअँ और ज़ोर से रूको मत बस चोद्ते जाओ."

प्रशांत ने एक ज़ोर की हुंकार भरी और अपने कूल्हे उपर को उठा दिया. अविनाश भी प्रीति के कुल्हों को पकड़ अपने लंड को अंदर तक पेल दिया. में समझ गया कि दोनो छूटने के कगार पर है. प्रीति का भी समय नज़दीक आता जा रहा था, "हाआआआआआअँ और ज़ोर सीईईईई ओह उईईईईईईईईईईई."

मेरे खुद को अपने को रोकना मुश्किल हो रहा था. मिनी इतनी ज़ोर से मेरे लंड को चूस रही थी और साथ ही अपने दाँतों का भी इस्तेमाल कर रही थी. पर मिनी की आँखें अपने पति के लंड पे जमी तो जो मेरी बीवी की चूत मे एक पिस्टन की तरह अंदर बाहर हो रहा था.

और फिर वो हुआ जिसका सबका इंतेज़ार था, प्रीति ज़ोर से चीखी "ओह ःआआआआआआआण ओह हेयययययययययी ." कहकर उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. उसका शरीर इस तरह अकड़ रहा था कि क्या बताउ. इतने में प्रशांत के लंड ने भी उसकी गांद मे अपना वीर्य उगल दिया. [/color:ay3bmfe0][/size:ay3bmfe0]

Share
Posted in Uncategorized
Article By :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *