देसी हीरोइन की चुदाई की कहानी

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हीरोइन बनने के चक्कर में मुझे कई बार चुदवाना पड़ा

हाय दोस्तों, मैं मोनी सिन्दू आपका कामुक स्टोरी डॉट कॉम में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मैं उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली हूँ और आप लोगो को आज अपनी आपबीती सुनाने जा रही हूँ। मुझे अभी जल्दी ही मेरी एक दोस्त ने नॉन वेज स्टोरी के बारे में बताया है, मैं यहाँ की रसीली और सेक्सी स्टोरीज रोज पढ़ती हूँ। दोस्तों, तो आपको कहानी सुनाती हूँ। ये बाद २ साल पहले ही है। 2015 में मैंने भोजपुरी फिल्म में हीरोइन बनने के लिए हाथ पाँव मारना शुरू कर दिया। मेरी बड़े दिनों की तमन्ना थी की मैं हिरोइन बनू, पर बॉलीवुड की फिल्मो में काम मिलना बहुत कठिन बात थी।

एक तो मुंबई रोज हजारों लड़कियां पहुचती है, एक से एक खूबसूरत खूबसूरत और टैलेंट से भरपूर। उनके सामने टिक पाना आसान नही था। इसलिए मैंने भोजपुरी फिल्मो की तरफ जाने का सोचा। मैंने लोगो से जान पहचान बनानी शुरू कर दी। मैं फेसबुक पर दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ को फालो करने लगी। कुछ दिनों बाद मेरा फेसबुक पर एक लड़के रोहन से कांटेक्ट हुआ, वो खुद को दिनेश लाल यादव, निरहुआ का भांजा बता रहा था और उसने कहा की वो मुझे निरहुया के साथ फिल्म दिलवा देगा। ये बात मैंने अपनी माँ से बताई तो माँ भी बहुत खुश हो गयी। रोहन ने मुझे १ लाख रुँपये लेकर दिल्ली आने को कहा। मैंने करीब डेढ़ लाख रुपए अपने पास रखे और मम्मी के साथ दिल्ली चली गयी और करोल बाग़ में एक होटल में रहने लगी। ३ दिन बाद रोहन मेरे पास आया।

वो जिस तरह से बातचीत कर रहा था, उस तरह से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री वाले बात करते है तो मुझे पूरा विश्वास हो गया की वो दिनेश लाल यादव, निरहुआ का भांजा है। रोहन ने मेरा होटल में ही ऑडीशन लिया, मुझे कुछ सीन पर एक्टिंग करनी थी। कुछ सीन्स में रोना धोना था, कुछ में कॉमेडी करनी थी। मैंने सारा ऑडीशन बड़े कायदे से दिया तो रोहन बहुत खुश हो गया। मैंने उससे कहा की मेरी निरहुआ से फोन पर बात करवाये। तो उसने कहा की वो भोजपुरी फिल्मों के टॉप एक्टर है, बिसी रहते है, फोन पर बात नही हो सकती है। फिर रोहन ने मुझसे पोर्टफोलियो बनाने के नाम पर १ लाख रुपये मांगे। मैंने ये सोचा की बाद में जब इतने बड़े स्टार के साथ पिक्चर मिल जाएगी तो ये १ लाख वापिस आ जाएगा। इसलिए मैंने रोहन को पैसे दे दिया। उसे लेकर वो चला गया। मैं अपनी माँ के साथ होटल में टिकी रही। ३ दिन बाद वो वापिस आया। “मोनी जी, मेरे मामा निरहुआ तो बड़े अच्छे आदमी है, पर डायरेक्टर थोड़ा रंगीन आदमी है, आपको अपनी तरफ से उसे खुश करना होगा। “क्या मतलब ????” मैंने पूछा “वो आपकी चूत मांग रहा है। 7 दिन आपको रगड़कर चोदेगा, फिर आपको निरहुआ के साथ पिक्चर मिल जाएगी।

आप इंडस्ट्री में नई है, आपने अभी तक कोई पिक्चर नही की है, आप तो जानती ही है की नई हीरोइन पर जल्दी कोई पैसा लगाने को तयार नही होता, इसलिए आपको डायरेक्टर से 7 दिन चुदवाना पड़ेगा और अपनी नर्म चूत में उसका मोटा लंड खाना पड़ेगा!!”” रोहन बोला ये सुनकर तो मेरा दिमाग ही हिल गया। ऐसा नही था की मैं इन सबके बारे में नही जानती थी, इसे कास्टिंग काउच कहते है। मैं कास्टिंग काउच का शिकार होने वाली थी। मैंने रोहन से कहा की मैं उसको शाम को फोन करके इस बारे में बता दूंगी। मैंने ये बात अपनी माँ से कही। “माँ!! वो डायरेक्टर मुझे ७ दिन चोदेगा, उसके बाद ही फिल्म में काम देगा। वही फिल्म का प्रोड्यूसर भी है। पिक्चर में पैसा वही लगा रहा है। कोई ३ करोड़ में पिक्चर बन जाएगी! मुझे वो 7 दिन तबियत से चोदेगा, फिर फिल्म में काम दे देगा!” मैंने माँ को बताया। मेरी माँ भी बहुत सीरियस हो गयी ये बात सुनकर। सारा दिन मैं बहुत जर्बदस्त टेंशन में रही। मैं किसी भी हालत में हीरोइन बनना चाहती थी, चाहे इसके लिए मुझे किसी से चुदवाना ही क्यूँ न पड़े। “……तो ठीक है बेटी! डायरेक्टर से चुदवा ले! ….एक बार निरहुआ के साथ फिल्म मिल गयी तो तेरी किस्मत चमक जाएगी!!” माँ बोली मैंने रोहन को फोन कर दिया की मैं राजी हूँ। २ दिन बाद डायरेक्टर आया। मैंने उसे होटल में अपने कमरे में ही बुला लिया। उसे चाय पानी पिलवाया। वो काफी जवान था, थोड़ी तोंद निकली। कोई ३५ साल का आदमी थी। वो फिल्मो की बहुत बात कर रहा था और कितनी भोजपूरी फिल्म हीरोइन के नाम गिनवा रहा था, जिसको उसने स्टार बना दिया था। वो बार बार मुझे सर से पांव तक ताड़ रहा था।

कुछ देर बाद उसने मुझे इशारा किया। मैंने माँ को दुसरे कमरे में जाने को बोल दिया। माँ के लिए मैंने १ कमरा और होटल में ले लिया था। शाम के ८ बजे डायरेक्टर ने मेरे साथ चुम्मा चाटी शुरू कर दी। मैंने कभी जिन्दगी में सोचा नही था की हीरोइन बनने के चक्कर में मुझे चुदवाना पड़ेगा। कुछ देर तक वो मेरे साथ चुम्मा चाटी करता रहा। मैं उसके पास सोफे पर बैठी थी और जींस, टी शर्ट पहने थी। मुझे किस करने लगा और मेरे दूध पर हाथ लगाने लगा। कुछ ही देर में उसने मेरे ही कमरे में मुझे नंगा कर लिया “कमान !! बेबी!! लेट्स फक यू ऑन द कम्फरटेबल बेड!![आओ बिस्तर पर चलकर तुमको आरामदायक बिस्तर पर रगड़कर चोदूँ] ” वो खड़ा होकर मेरा हाथ पकड़ कर बोला तो मैं कुछ नही कह सकी। मैंने उसके साथ बेड में चली गयी। उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिया, अपना अंडरविअर भी। मैंने कनखियों से देखा उसका लंड बहुत मोटा और बहुत काला था। “हे इश्वर!! बचाना मुझे…..जब ये मोटा और काला लंड मेरी चूत को जोर जोर से कूटे तो प्लीस मेरी रक्षा करना!” मैंने उपरवाले से कहा। कुछ ही देर में डायरेक्टर ने मेरी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी। गांडू, मेरे साथ लेट गया और मेरे जैसी नंगी माल को बाहों में भरके चुम्मा चाटी करने लगा। वो बड़ी शिद्दत और प्यार से मेरे साथ चुम्मा चाटी कर रहा था। मेरे ताजे ताजे ओंठ को वो मजे से पी रहा था। कुछ देर में मुझे भी मजा आने लगा, और मैं भी अपना जबड़ा चला चलाकर उसके ओंठ से ओंठ लगाकर पीने लगा। “मोनी जी, आप बहुत सुंदर है, मैंने कई नई हीरोइन को चोदा है, पर आपके जैसी फुलझड़ी मुझे आप तक ठोंकने को नही मिली। उफ्फ्फ्फ़……आपने किस साबुन से नहाया है? आपके जिस्म से कितनी ताज़ी ताज़ी महक आ रही है…..भाई मजा आ गया!!” वो गांडू डायरेक्टर बोला। फिर मेरे सफ़ेद ३४” के मस्त मस्त दूध पर उसने हाथ रख दिया और मजे लेकर दबाने लगा। मैं आह आह करने लगी। फिर वो हरामी डायरेक्टर मेरे उपर सवार हो गया और मेरे दूध मुँह में भरके इस तरह से पीने लगा, जैसे मैं उसका कोई घर का माल हूँ।

मैं कुछ ना कह सकी, क्यूंकि मैं अगर उसको रोकती या नाखुश कर देती तो वो मुझे फिल्म में काम नही देता। उसने पौन घंटे तक मजे लेकर मेरे नंगे दूध पिये दोस्तों। ऐसा नही था की किसी ने मुझे आजतक चोदा नही था, मेरे बॉयफ्रेंड अनिल ने मुझे कई बार चोदा था, पर आज एक गैर मर्द मेरे उपर सवार था, और मेरे मस्त मस्त गोरे चिकने जिस्म का मजा लूट रहा था। मेरे दूध बड़े भरे भरे और मस्त थे। मेरी छातियों पर सेक्सी काले घेरे के थे जो सभी मर्दों को बहुत लुभाते थे। वो बहनचोद बिहारी भोजपुरिया डायरेक्टर मजे लेकर मेरे दोनों निपल्स को चुसे जा रहा था। मेरा उससे चुदवाने का कोई मन नही था, पर दोस्तों फिल्म इंडस्ट्री में बहुत जादा कॉम्पटीशन है आपको तो पता ही होगा। इस वजह से मैं इस डायरेक्टर को मना नही कर सकती थी। मैं अपने ही होटल में, अपने ही कमरे में पूरी तरह नंगी थी और एक अंजान डायरेक्टर के साथ बिस्तर पर पड़ी ठिया और उसको अपने मस्त मस्त आम पिला रही थी।

वो मेरे विशाल गोल गोल चुच्चे मुँह में बहकर पी रहा था और फुल ऐश कर रहा था। फिर वो मेरा चिकना पेट चूमने लगा। फिर मेरी गहरी नाभि में ऊँगली करते हुए मेरी चूत पर आ गया। मैंने सुबह ही चूत की क्लींव शेव की थी। मेरी चूत किसी परी जैसी लग रही थी। बहुत चिकनी और बहुत सफ़ेद। वो हरामी डायरेक्टर मजे लेकर मेरी चूत को छूने लगा और फिर जीभ लगाकर पीने लगा। मैं तड़प उठी। अपनी जीभ लगाकर वो मेरी चूत की एक एक फांक पी रहा था। कुछ देर बाद जब मुझे भी मजा मिलने लगा तो मै भी मजे लेकर उसको अपनी बुर पिलाने लगी। “आह ओह माँ……डायरेक्टर साहब !! चूसो…..और चूसो….मेरी नशीली रसीली चूत को मजे लेकर पियो!!” मैंने भी कह दिया। उसके बाद तो उसने मेरी चूत को मजे लेकर बिलकुल खा ही लिया। मिल उसने मेरी चूत में अपनी २ लम्बी ऊँगली डाल दी और फेटने लगा।

मैं आह आह आऊ आऊ करने लगी। डायरेक्टर मेहनत से मेरी चूत फेट रहा था। कुछ देर बाद मेरी चिकनी चूत से माल निकलने लगा, फिर वो ऊँगली में लेकर पूरा माल पी गया। कुछ देर बाद उसने मेरे दोनों पैर खोल दिए और मेरी गर्म चूत में खौलता लंड डाल दिया। डायरेक्टर मजे लेकर मुझे चोदने लगा। मैं ओह मम्मी !! ओह !! आ आऊ आऊ उईइ उईई करने लगी। वो मेरे उपर लेटकर मुझे मजे से चोदने लगा। उसका लंड बहुत मोटा और काला था। रंग से मुझे कोई दिक्कत नही थी। पर साइज से मुझे बहुत दिक्कत थी। इतना मोटा लंड मैं अपनी छोटी सी चूत में खा रही थी तो बहुत दर्द हो रहा था। लग रहा था की कोई मोटा बांस मेरे लाल भोसड़े में घुसा हुआ है और मेरे पेट में घुस जाएगा मुझे चोदते चोदते, यही मुझे लग रहा था। बहनचोद!! डायरेक्टर था की किसी ब्लू फिल्म का हीरो था, ऐसे पका पक मुझे पेल रहा था जैसे मैं उसकी गर्लफ्रेंड या बीवी हूँ। उसने मुझे अपने जिस्म में सीने में छुपा लिया था और मेरे ताजे ताजे गुलाबी होठ पीते पीते गप्प गप मुझे ठोंके जा रहा था। कितनी अजीब बात थी दोस्तों। हीरोइन बनने के लिए मैं इन लोगो को १ लाख रुपए घूस भी दी थी और चुदवा भी रही थी। पैसा दे दिया तो चलो कोई बात नही, पर चूत में लंड खाना और खुद अपनी इज्जत किसी को देना, ये तो कुछ जादा ही अजीब बात थी। वो मुझे पक पक चोद रहा था। मैं यही बात बार बार सोच रहा था की चलो एक बार भोजपुरिया फिल्म स्टार निरहुआ के साथ पिक्चर मिल जाएगी तो सब वसूल हो जाएगा। बड़ी हीरोइन बनकर नाम, शोहरत, और पैसा कमाऊंगी।

मैं ये सब बाते बार बार सोच रहा थी। मेरी सारी गरीबी दूर हो जाएंगी और मैं कितनी फेमस भी हो जाऊँगी। दोस्तों, यही सब सोचकर उस रात खूब चुदवा रही थी। आधे घंटे तक मेरी गर्म चूत में खौलता लंड देने के बाद वो बहनचोद डायरेक्टर मेरे फटे भोसड़े में ही झड़ गया। झड़ने के बाद वो तेज तेज हाफ़ने लगा। “डायरेक्टर जी!!! पानी पी लीजिये!! लौंडिया चोदने में बड़ी मेहनत लगती है, और बहुत ताकत खर्च होती है!!” मैंने कहा तो उसने पास रखे जग से पानी निकालकर पी लिया। फिर उसने मुझे बाहों में भर लिया और कुछ देर बाद मुझे कुतिया बना दिया। मैंने अपने सर और कंधों पर बेड पर झुक गयी और मैंने अपना पिछवाड़ा उपर उठा दी जैसे मैं कोई नमाज पढ़ने जा रही हूँ। एक तरह से कह सकते है की मैं अपने घुटनों पर बैठी हुई थी गांड को उपर उठाकर। वो गांडू डायरेक्टर मजे लेकर मेरे मस्त मस्त लप्प लप करते पुट्ठों को छूकर और सहलाकर मजे मार रहा था।

फिर वो पीछे से मेरी बुर पीने लगा और मजा मारने लगा। बड़ी देर तक वो मेरी चूत पीछे से पीता रहा। कुछ देर बाद उसने मेरी चूत में लंड डाल दिया और पीछे से किसी कुत्ते की तरह मुझे चोदने लगा। मुझे अच्छा भी लग रहा था और अजीब भी लग रहा था। क्या सब हीरोइन इसी तरह फिल्मे पाने के लिए डायरेक्टर से चुदवाती होंगी, मैं सोचने लगी। डायरेक्टर ने मुझे २ घंटे कुतिया बनाकर चोदा फिर मेरी गांड मारी। सुबह वो अपने काम से कहीं चला गया। रात में वो फिर आया और उसने और रोहन, दोनों ने बारी बारी मेरी गांड मारी और चूत में लौड़ा दिया। इस तरह उन दोनों लोगो से ७ दिन तक मेरी ठंडी चूत में गर्म गर्म लौड़ा दिया और मुझे किसी रंडी की तरह चोदा। 8 वे दिन मैंने रोहन को फोन लगाया और बताया की अभी निरहुआ से मिलने में कितने दिन लग जाएंगे और मुझे कब फिल्म साइन करने को मिलेगी। मैंने उसे ये भी बताया की मुझे दिल्ली में रहते २५ दिन हो चुके है उस होटल में रहते हुए। धीरे धीरे मेरे पैसे खत्म हो चुके है और जादा पैसा मेरे पास नही है होटल में रहने के लिए तो रोहन मुझे दिल्ली में अपने घर पर ले गया। मेरी माँ को भी ले गया। और उसने पूरा १ महीना मुझे तरह तरह से चोदा। कभी गोद में लेकर, कभी कमर पर लंड पर बिठाकर, कभी घोड़ी बनाकर चोदा। उसके बाद अचानक ने वो कहीं गायब हो गया। उसका फोन स्विच ऑफ़ बता रहा था।

जिस घर पर उसने मुझे और मेरी माँ को रखा था, वो किराये पर लिया था। मकानमालिक ने बताया की रोहन उस घर का कोई मालिक नही है बल्कि किराए पर उसने मकान लिया था। दोस्तो उस दिन के बाद से फेसबुक पर मिला वो रोहन मुझे आज तक नही मिला। डायरेक्टर और रोहन ने मुझे १ महीने से जादा समय तक चोदा और खूब मेरी रसीली चूत में मोटा मोटा लंड दिया। खूब मेरे दूध पिये उन दोनों हरामियों ने। मुझसे १ लाख रुपए भी ठग लिए और आज तक मुझे किसी फिल्म में काम नही मिल पाया है। मैं आज भी निरहुआ के साथ काम करने को बेचैन हूँ। वो लड़का रोहन दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ का कोई नही लगता था। वो एक ठग था जिसने मुझसे १ लाख रुपए भी ठग लिए और मेरी इज्जत भी लूट ली। और मुझे जी भरके चोदा भी।

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