ग़लत रिश्ता ( भाई बहन का )

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सोनू को थोड़ा अजीब सा लगा उसका ये तरीका…अपने भाई को आँख मारना.

फिर भी उसने दिल कड़ा करके पूछ ही लिया : “अच्छा तो बता तू…. ते…. तेरा कोई बी एफ है क्या वहां पर….”

उसने बड़े ही कूल तरीके से जवाब दिया : “हाँ …. है..”

सोनू की तो दिमाग़ की नसें फूल गयी ये सुनकर…

उसने अपने गुस्से पर कंट्रोल करके पूछा : “और….तूने….. कभी उसे…. आई मीन ….उसके साथ …”

वो समझ गयी की सोनू उससे वो सवाल पूछने में घबरा रहा है , इसलिए उसने खुद ही उसका सवाल पूरा कर दिया और उसका जवाब भी दे दिया..

”यही ना की मैने उसके साथ किस्सी विस्सी की है या नही….. हाँ किया है… एन्ड आई रियली एंजोएड इट…”

इतना कहते हुए उसने एक बार फिर से उसे आँख मार दी.

सोनू की समझ में नही आ रहा था की वो क्या करे…

गुस्सा तो बहुत आ रहा था… मन कर रहा था की उसे एक थप्पड़ लगा दे …
या मॉम डेड को जाकर बोल दे … पर वो सब विचार और गुस्सा उसके अंदर ही रह गया…

वो कुछ देर तक उसे देखती रही और बोली : “चिल यार…. इतना टेंशन मत ले…. ऐसा कुछ नही है… मज़ाक कर रही थी…”

इतना कहकर वो बाथरूम में चेंज करने चली गयी.

पर सोनू को पता चल चूका था की वो मज़ाक नही था…. जिस अंदाज से वो बता रही थी, और जिस तरह से उसने किस्स वाली बात को एंजाय करके बताया था, उससे सॉफ पता चल रहा था की वो सच था.

यानी उसकी बहन…इस टीनेज उम्र में , किसी के साथ वो सब करती है….. किस्स करती है… क्या वो कुछ और भी करते होंगे… क्या उस लड़के ने उसके बूब्स भी दबाएँ होंगे….

छी …..ये मैं क्या-2 सोचने लगा…. वो मेरी बहन है…. …. मुझे ऐसा नही सोचना चाहिए… ये ग़लत है.

वैसे भी उसने बाद में बोला था की वो सब मज़ाक था…

शायद वो सही हो…

मुझे सताने के लिए ऐसा बोल रही हो..

सोनू ने वो सब विचार झटक दिए और अपना नाइट सूट लेकर वो बाथरूम की तरफ चल दिया…

और अंदर घुसते हुए सोनू को इतना भी ध्यान नही रहा की सोनिया अभी कुछ देर पहले ही अंदर गयी है… और उपर से उसकी फूटी किस्मत तो देखो, वो अंदर से दराजा बंद करना भी भूल गयी थी.

सोनू अपनी ही सोच में अंदर घुसा और अंदर का नज़ारा देखकर मेरी आँखे फटी रह गयी.

वो वाश्बेसन पर खड़ी होकर ब्रश कर रही थी… अपनी टी शर्ट उतार चुकी थी और सिर्फ़ ब्रा पहनी हुई थी उसने… और नीचे वही ब्लू कलर की निक्कर…

मुझे अंदर आता देखकर वो एकदम से मेरी तरफ घूमी और बोली : “ओह्ह शिटट्ट , मैं दरवाजा बंद करना ही भूल गयी…आई एम सॉरी सोनू… ”

इतना कहकर उसने किल्ली पर टंगा टावल उठाया और अपने सीने पर चुन्नी की तरह रखकर उसे ढक लिया. और वो भी उसने इसलिए किया ताकि सोनू उसे इस तरह हैरानी से देखना बंद कर दे..
पर तब तक जो नज़ारा सोनू को दिख चुका था, उसका क्या.

वो बेचारा शर्मिंदा सा होकर वापिस बाहर जाने लगा…तो सोनिया ने उसे टोका

”अरे भाई…. कहाँ चल दिया…. तू आजा,मैं बाहर जाकर चेंज कर लूँगी… मुझे तो इस तरहा ब्रा में नही सोया जाता…और हाँ , इस बार मैं बाहर से बंद कर रही हूँ …. कोई शरारत नही…”

इतना कहकर वो मुस्कुराती हुई बाहर निकल गयी और जाते -2 उसने एक बार फिर से आँख भी मारी.

सोनू की तो कुछ समझ में नही आ रहा था की ये हो क्या रहा है…. इतने कैज़ुअल तरीके से वो क्यों बात कर रही है… वो भी उन टॉपिक्स पर जिनके बारे में उन दोनो ने पहले कभी बात नही की….

पहले वो किस्स वाली बात… और अब ये ब्रा उतारकर सोने वाली बात… वो उसे क्यों बता रही है..

कही वो….. मुझे ….. नही

नही… नही…

ऐसा नही हो सकता….

एक बार फिर से उसने अपना तकिया कलाम दोहराया.

”ये सब मेरा वहम है… ऐसा नही सोचना चाहिए… ये ग़लत है.”

पर ना चाहते हुए भी उसका ध्यान दूसरी तरफ जा ही नही रहा था… बार-2 अपनी बहन का वो ब्रा वाला सीन उसकी आँखो के सामने आ रहा था.

पता नही और क्या-2 होने वाला था उसके साथ.
सोनू ने अपने कपड़े उतार कर एक निक्कर पहन ली…. अपनी अप्पर बॉडी को वो शीशे में देखकर पोज़ बनाने लगा… कुछ टाइम से उसे जिम जाने का शोंक चढ़ आया था… और आजकल वो बेंच प्रेस वाली एक्सरसाइज काफ़ी करता था… इसलिए उसकी बॉडी में कटाव से नज़र आने लगे थे… वो ये कर ही रहा था की बाहर से सोनिया की आवाज़ आई

“ओ मजनू…. तेरी लैला का मैसेज आया है… बोल रही है की कल उसकी बुक ज़रूर लेता आइयो”

सोनू समझ चुका था की वो साक्षी के मैसेज की बात कर रही थी…

सोनू का दिमाग़ ठनक गया ये सुनकर…. यानी सोनिया ने उसके मोबाइल के मैसेज पढ़ने शुरू कर दिए थे…

वो तुरंत बाहर आने लगा पर उसने तो बाहर से लॉक किया हुआ था…

सोनिया के हँसने की आवाज़ आई : “हा हा ….. बेचारा….. कैसे तड़प रहा है उसका मैसेज पढ़ने के लिए…. ”

वो अंदर से बड़ी ही बेसब्री भरी आवाज़ में बोला : “देखो दी…. ऐसे किसी के मैसेज पढ़ना ग़लत बात है….”

सोनिया : “अच्छा , बड़ी जल्दी भूल गया तू तो, लास्ट टाइम तूने भी तो मेरे सारे मैसेज पढ़ डाले थे… मेरी और मेरी सहेली की चैट पढ़कर तुझे भी तो बहुत मज़ा मिला था…. और एक को तो तूने रिप्लाइ भी कर दिया था…”

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