ओला ड्राइवर के साथ सेक्स के मज़े – hindi sex story

Share

[size=150:2ekzxcra]हेलो दोस्तो, लोग ड्राइवर की नौकरी को बहुत अच्छा नही मानते है, लेकिन लोग ये नही जानते; की ड्राइवर सबसे ज़्यादा मज़े लेता है. अगर मालकिन खूबसूरात हो ओर उसकी खूबसूरात बेटी हो या उसकी सहेलिया हो…तो ड्राइवर उन सबकी खूबसूराती का रास्पान कराता है. दोस्तो, मेरा नाम राजू है ओर मे एक बड़े सेठ के लिए काम कराता हू. उसकी बीवी तो काफ़ी पहले मार चुकी है, लेकिन उनकी एक बहुत खूबसूरात बेटी ओर वो कॉलेज मे पड़ती है ओर मेरी ड्यूटी उसकी सेवा मे है. मे सही मायने मे उसकी सेवा केराता हू. वो जब भी मुझे बुलाती है, मुझे उसके पास जाना पड़ता है ओर उसकी चुत ओर गान्ड बजा कर उसकी सेवा करनी पड़ती है. वेसए मेरा सेठ भी आशिशकमिज़ाज़ है ओर वो गाड़ी मे अक्सर नयी-नयी लड़कियो के साथ आता है ओर उनके साथ खेलता है..कभी-कभी तो वो सुनसान सदका का फ़ायदा उठाते हुए, लड़कियो की कार मे ही चुदाई कर देता है ओर मे बाहर खड़े होकर पहेरा देता हू. ये बतने की ज़रूरात नही है, की मे सेठ ओर उनकी बेटी दोनो से बातयन छिपाने के लिए मोटे पेसे वसूलता हू.

चलिए…आप को ज़्यादा बोर ना करते हुए, मे आपको मलिक के बेटी शीबा के साथ मेरा पहला सेक्स बताता हू, की किस तारह उसने मुझे पहले फसाया ओर फिर ब्लॅक मैल करते हुए, अपनू मस्त चुदाई करवाई. सर्दियो की रात थी ओर उसने मुझे शाम को अपने फार्म हाउस पर जाने के लिए गाड़ी निकालने के लिए बोला. उसके साथ उनकी किसी सहेली ने भी जाना था, लेकिन उसका प्रोग्राम कॅन्सल हो गया. हम निकल चुके थे ओर शीबा वापस नही आना चाहती थी. अचानक शीबा ने मुझे बोला, राजू किसी ठेके पर ले ले..मुझे दारू पीने है आज…मुझे पता था, की बहुत ठरकी ओर पियकाड़ है..मेने ठेके पर रोक दी ओर उससे पेसे लेकर उसका ब्रांड ले आया.

उसने मुझे बोला, की कहीं फार्म हाउस के नझडीक ले लो..अंदर नही जाना..बाहर काफ़ी खाली जगह है, जो सुनसान रहती है ओर कोई ख़ास्स आता-जाता नही है. मेने वाहा पहुच कर गाड़ी लगा दी, तक पूरा अंधेरा हो चुका था ओर मेने साइड मे इस तारह लगाई, किसी को गान्ड दिखने ना. उसने बॉटल खोल ली ओर मे बाहर जाने लगा, तो उसने मुझे रोक ओर एक ग्लास देती हुए बोली, तुम मेरे साथ पियोगो…मेने माना किया..तो वो आग-बाबूला होने लगी ओर बोली – तुमसे पूछ नही रही हू, ऑर्डर दे रही हू. मुझे 2 पेग मे ही चड़ गयी ओर मेरे सिर पर ह्वस सॉवॅर होने लगी. उसने उसी बात का फ़ायदा लिया ओर मेरा हाथ अपनी झंघो पर रखा ओर अपनी पेंटी मे डालवा लिया ओर फोन से वीडियो क्लिप बना ली.

मेने एक दम अपना हाथ पीछे खिच लिया ओर बोला..शीबा बेबी..क्या कर रही हो..अप? ये ग़लत है..उसने नकली गुस्से से बोला..अगर तुम अपनी खारीयत चाहते हो..तो मेरे बदन की हॉस को अभी बुझाऊ; वरना, ये क्लिप मे पापा को दिखके तुम्हे नौकरी से निकलवा दूँगा..नौकरी का जाना मुझे गवारा नही था. मेने उसकी बात मन ली ओर पीछे की सीट को अड्जस्ट कर दिया. अब तक वो 4-5 पेग खिच चुकी थी ओर पूरे नशे मे थे. उसने जोश-जोश मे अपने सारे कपड़े खोल दिए थे ओर ब्रा-पेंटी मे आ गयी थी. वो शकल से खूबसूरात तो थी ही; लेकिन बिना कपड़ो के उसकी कमसिन जवानी गजब ढा रही थी. उसके गोल बड़े चुचे ओर चिकना बदन देखते ही, मेरी इच्छा ना होते हुए भी, मेरे लॅंड मे तनाव आ गया ओर मेरे उभर को देखते हुए..वो हंस पड़ी ओर बोली..हो गया हरामी खड़ा..उसने मेरी पेंट पकड़ी ओर उसका बतन खोलने लगी ओर बोलने लगी..निकल सारे हरामी को…मेने अपने कपड़े खोल दिए ओर पूरा नंगा हो गया ओर मेरे श्रीर पर बाल नही थे, ओर मे लॅंड के बाल भी सॉफ कराता रहता था..मुझे देख कर शीबा बोलने लगी…ह्म्‍म्म्म…सेयेल …है टब ही ठरकी..जबही बाल नही रखता…ओर हासने लगी.

उसने मेरे लॅंड को हाथ मे लिया ओर उसको दबाने लगी ओर मेरे अंदो को दबाने लगी. बहुत दर्द भरा था ओर वो उसको मस्ती मे बेदर्डो की तारह मसल रही थी. वो बार-बार बोल रही थी, सेयेल..है तो तू मेरा नौकेर ही..सेयेल…रंडी बनाकर चोद मुझे…मेने उसके पास आकर उसको होतो को चूमने की कोशिश की, तो उसने एक जोरदार थप्पड़ रसीद कर दिया ओर बोली – कुत्ते, औकात मत भूल…मेरी चुत ओर गान्ड की हॉस बुझ…मूह कीट एर होठ नही..तेरा लॅंड बुझाएगा..ओर उसने एक दम गाआअप से..मेरा लॅंड अपने मूह मे रख लिया..मे खड़ा था ओर मेरा हाथ मेरी कमर पर चले गया ओर मेने अपनी कमर को हिला-हिला कर चुका मूह छोड़ना शुरू कर दिया…उसके मूह से घु-घु—-घु की आवाज़े निकल रही थी ओर अपने मेरे लॅंड को अपने हाथो से मसालते हुए मेरे लॅंड को मस्ती मे चूस रही थी.

मेरा लॅंड पूरा गीला हो चुका था ओर उसके मूह से थूक निकल कर मेरे लॅंड पर ओर पूरी गाड़ी मे गिरने लगा था. अब वो पीछे हो कर बाएत गयी ओर अपनी टांगे उठा ली ओर मुझे उसकी गुलाबी चिकनी चुत दिखाई दे रही थी..एक भी बाल नही था..एक दम..गोरी..चिकनी ओर लाल..लेकिन क्वारी नही थी..बहुत चुदवाई होगी..मेने मन ही मन सोचा…

मेने उसकी चुत पर अपना लॅंड लगाना चाहा..तो वो चिल्ला पड़ी..बोली – कुत्ते…पहले इसे मूह से चाट ओर मस्त गीला कर..मेने थोड़ा झुक कर अपनी जीभ को उसकी चुत पर लगा दिया ओर चातने लगा..उसने मेरे सर को बालो से पकड़ लिया ओर उसको अपनी टॅंगो के बीच मे घुसने लगी. अब मेरा मूह पूरा उसकी चुत मे था ओर मेरी नाक तक उसकी चुत मे घुसने लगी…मे उसकी चुत चाट रहा था, लेकिन मुझे लग रहा था, की अब मुझे उसकी चुत मे लॅंड डालना है, क्यूकी ..पता नही कब झाड़ जायू…मेने अपने हाथो से उसके हाथो कस कर पकड़ा ओर उठ गया ओर अपने लॅंड को उसकी चुत पर लगा कर..एक दम धक्का मार दिया.

लॅंड ओर चुत दोनो ही बहुत गीले थे..इसलिए लॅंड एकदम घुस गया ओर उसकी चुत के अनादर जाकर टकराने लगा..मेरे दो-चार ज़ोर दार धक्को से ही वो झाड़ गयी ओर उसने अपने परो को बंद कर लिया ओर साइड मे गिर गयी..उसने मेरा लॅंड बाहर निकल दिया ओर मेरे लॅंड का हाथो से मूठ मारने लगी. मेरा माल निकालने वाला था ओर मेरी गान्ड तेज हिलने लगी थी..तो वो समझ गयी ओर उसने मेरे लॅंड को अपने मूह के पास कर लिया ओर जेसे ही मेरा माल निकाला..उसने सारा अपने मूह मे ले लिया ओर पे गयी..उसने मेरे लॅंड के सूप़ड़े को चाट कर सॉफ कर दिया ओर फिर हम दोनो कपड़े पहन कर फॉर्म हाउस चले गये..उसने मुझे काफ़ी पेसे दिए. ओर अब सालो से मे उसकी ओर उसकी सहलेइयो सेवा कर रहा हू ओर मज़े ले रहा हू.[/size:2ekzxcra]

Share
Posted in Uncategorized
Article By :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *