दीपिका (मौसी के बेटी) मेरी रंडी कज़िन

मेरा नाम सुशांत है, मैं देल्ही का रहने वाला हू. मेरी शादी हो चुकी है और यह कहानी मेरे शादी के बाद हुई घतना है.

मुझे एक बार बिज़्नेस के काम से जाईपूरे जाना पड़ा, वाहा मेरी मौसी के बेटी इंजिनियरिंग पढ़ रही थी, उसका नाम दीपिका है. मैने फ़ीपिका को फिने करके अपने आने के बड़े मैं बताया, तो वो बहुत खुश हुई और बोली- मेरे फ्लॅट पर हे आना… मैं वही रहने का बंदोबस्त करूँगी. मैने पिछली बार उसे अपनी शादी मैं हे देखा था जिसको अभी 2 साल हो गये थे.

जब मैं जाईपूरे पहुचा तब वो रेलवे स्टेशन पर मुझे लेने आई थी. जब मैने उसे स्टेशन पर देखा तो मैं हैरान रह गया, उस्मआ काफ़ी बदलाव नज़र आया. आब वो मुझे कोई फिल्म की हेरोयिन लग रही थी. जीन्स और टी-शर्ट मैं केटेरीना कैफ़ लग रही थी. सबसे बढ़िया उसका फिगर लग रहा था. उसकी फिगर शायद 34-28-36 था.

और पहली बार मैं उसे दूसरी नॅज़ारो से देख रहा था . स्टेशन से निकलते हुए वो मेरे से आगे चल रही थी… तब मेरी नज़र उसके मटकती हुए चूतड़ो पर हे थी. उसकी चाल भी बड़ी मादक थी. जब हम दोनो उसके फ्लॅट पर पहुचे तब दिन के 6 बाज रहे थे. फिर हमने बैठ कर थोड़ी देर बाते की और फिर वो वही सो गयी. लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी और अचानक मेरी नज़र उसके लॅपटॉप पर प़ड़ गयी जो बाहर टेबल पर रखा था.

मैने उसका लॅपटॉप खोला तो दंग रह गया, उसके लॅपटॉप मैं पूरा सेक्स भंडार था.

और उसके इंटरनेट हिस्टरी पर देखा तो पता चला की वो सेक्स की साइट पर इंसेस्ट वाली कहानिया पढ़ती है. इसके साथ हे साथ कई वीडियोस भी देखने को मिले. यह सब देखने के बाद मेरे मॅन मैं एक एक्चा पैदा हुई की अपनी इस मौसी की बेटी को आब किसी भी तरह नंगा देखा जाए.

जाईपूरे शायद मेरे लिए अछी किस्मत लाने वाला था क्यूंकी वो मौका भी मुझे जल्दी मिल गया. मैं करीब 9 बजे को इसनन करने के लिए बाथरूम गया और डरवज़ा बंद करते समय मैने देखा की उसके दरवाज़े मैं एक छेद बना हुआ था… जिस पर आँख लगा कर कोई अंदर से बाहर या अंदर से बाहर देख सकता था. फिर मैं शवर के नीचे खड़ा होकर इसनन करने लगा.

यूयेसेस वक़्त मैं दीपिका के फिगर के बड़े मैं सोचने लगा… तब उसके मादक जिस्म को याद करके मेरा लंड अपने आप खड़ा हो गया. मेरा लंड 6 इंच लूंबा और 2 इंच से ज़्यादा मोटा है. शादी के बाद भी मेरी मूठ मरने की आदत वसाई हे थी मतलब मैं रोज़ बाथरूम मैं मूठ मराता था.

तभी बाहर से आवाज़ आनी शुरू हो गयी. मुझे लगा की दीपिका भी जाग गयी होगी और जल्दी से नहा कर टवल मैं हे बाहर आ गया. तब बाहर बिस्तेर पर दीपिका बैठी थी यूयेसेस वक़्त वो शर्ट्स और टी-शर्ट्स पहने हुए थी, शायद उसने कपड़े पकड़ लिए थे. वो बिस्तेर पर बीत कर अपने फोन पर किसी के साथ बात कर रही थी और बीच-बीच मैं उसके चेहरे पर मुस्कान आती थी. वो मुस्कुराती हुई बड़ी प्यारी लग रही थी.

तब उसे नंगा देखने की एक्चा और भी बढ़ गयी और साथ-साथ टवल के अंदर तनाव भी बढ़ रहा था. मेरे दिमाग़ मैं एक आइडिया आया, मैने दीपिका को बोला- तुम जल्दी से नहा कर फ्रेश हो जयो… हम बाहर जाकर कुछ खा लेते है और मैं वही से अपने काम पर चला ज़ाऊगा.

उसे भी मेरा आइडिया अच्छा लगा और वो टवल लेकर बाथरूम मैं चली गयी. जैसे हे दूर बंद हुआ मैं दूर के पास घुतने के बाल बैठ गया और उसके छेद पर अपनी आँख लगा दी. अंदर का नज़ारा सॉफ दिख रहा था. दीपिका अपने कपड़े उतार रही थी, पहले उसने अपनी टी-शर्ट उतेरी उसने नीचे ब्रा नही पहनी थी. मुझे उसके मुममे सॉफ दिख रहे थे, शायद 34 के होंगे… गोरे-गोरे और उठे हुए मुम्मो के उपर उसके गुलाबी निपल्स भी अच्छे लग रहे थे. फिर उसने अपनी शॉर्ट्स को उतार दिया और मूडी.

उसने शॉर्ट्स के अंदर काले रंग की छोटी से पेंटी पहनी हुई थी, जिसके उपर से उसकी गांड मस्त और उठी हुई लग रही थी. फिर जब उसने पेंटी उतरी… तब मेरे बदन से टवल भी हट गया और मैं उसके नंगा बदन देखते हुए लॉड को हिलने लग गया. अंदर दीपिका ने शवर चालू किया और पानी के बूंदे उसके नंगे बदन पर जब गिर रही थी… तब नज़ारा और भी मादक हो गया.

अपने बदन पर साहबुन लगते हुए मूड गयी… तब मुझे उसकी चुत देखना नसीब हो गया. उसने अपनी फूली हुई चुत को क्लीन-शेव किया हुआ था. बिना बालो की उसकी गुलाबी चुत पानी गिरने से चमक रही थी. मैं मॅन हे मॅन मैं सोचने लगा की मैं उसकी चुत चाट रहा हू और यह सोचते-सोचते हे मैने लॉड को ज़ोर से मुठियाना शुरू कर दिया और थोड़ी देर मैं मेरा पानी निकल गया और मैं कपड़े पहन कर रीडी हो गया. दीपिका के इसनन करने के बाद हम दोनो जल्दी तैयार हुए और बाहर चाय और नाश्ते के लिए गये.

वाहा पर मुझे दीपिका के साथ खुल कर बात करने का मौका मिला. मौके का फ़ायदा उठाते हुए मैने यूयेसेस-से बॉय-फ्रेंड जैसे खुली बात पूच ली, उसने भी खुल कर मुझे बताया- उसका एक बॉय-फ्रेंड है और इस-से पहले भी दो रह चुके है.

मेरा मॅन तो किया था की बात हे बात मैं यूयेसेस-से उसकी सेक्स लाइफ के बड़े मैं भी पोकच् डालु, लेकिन इस बात का अंदाज़ा मुझे पहले से हे था और आब मैं खुद उसके साथ सेक्स का खवाब देखने लगा था और मेरे मॅन मैं उसे पाने की कोई तरकीब भी चल रही थी. चाय के बाद मैं अपने काम पर निकल गया और दीपिका से बोला- रात को साथ डिन्नर पर कही बाहर चलते है.

वो भी खुश हुई और जब मैं शाम को वापिस उसके फ्लॅट पर गया तो देखा की दीपिका ने शिराता और टी-शर्ट्स पहनी हुई है. इस शॉर्ट्स मैं वो बड़ी मस्त लग रही थी. उसकी जाँघ से नीचे पूरी टांगे नंगी थी. काले रंग के शॉर्ट्स मैं उसकी गोरी टांगे बड़ी माफिक लग रही थी. उसने टी-शर्ट्स भी काले रंग के हे पहना था, टाइट फिटिंग वाला एक दम उसके बदन से चिपका हुआ था.

उसके बदन के सारे उतार-चदव इस पोशाक मैं सॉफ उभरे हुए दिखाई दे रहे थे… ख़ास उसकी चूचिया और कूल्हे … यही काफ़ी नही था की उसने बाल भी खुले चोद दिए थे. उसने बोला- आज नाइट क्लब चलते है और खाना भी वही पर खा लेते है.

नाइट-क्लब का माहौल मादक था और भी काफ़ी लड़के-लड़किया थे. उहर म्यूज़िक भी बाज रहा था और साथ मैं लाइट रोशनी भी थी… जो माहौल को और भी कामुक बना रही थी.

दीपिका को नाचने का बड़ा शौक था और वो अछी डॅन्सर भी थी. मैं थोड़ी देर उसे नाचते हुए देखता रहा.. तब उसने मुझे भी इशारा करके डॅन्स-फ्लोर पर बुला लिया.

मई उसके पीछे खड़ा हो गया और डॅन्स करने लगा. थोड़ी देर मैं मैने उसकी कमर को पीछे से पकड़ते हुए चालू रखा और डॅन्स-डॅन्स मैं थोड़ी देर मैं हे अपना पूरा बदन… पीछे से उसके बदन से चिपका लिया. आब मैं मस्त म्यूज़िक मस्त दीपिका दोनो का माज़ा ले रहा था. मेरी पेंट के अंदर भी डॅन्स चल रहा था और आब वो पूरी तरह कह दिया हो चुका था. डॅन्स के बहाने मैं अपना लंड उसकी गांड की दरार पर रग़ाद रहा था और मुझे लगा भी दीपिका भी मुझे ले रही थी. क्यूंकी वो भी कमर पीछे के तरफ कर रही थी. मैं बहुत उर्जीत हो गया और मेरा एक हाथ उसके जिस्म पर चलना शुरू कर दिया. तब उसने खुद मेरा हाथ पकड़ा और उसको दिशा दे. आब मुझे पूरे तरीके से यकीन हो गया की वो भी यही चाहती है और वो भी गरम हो चुकी है.

फिर मैने उसे घुमाया और आब एक-दूसरे के आमने-सामने हो गये और मैने डॅन्स करते हुए उसे कस के झप्पी दे दी. फिर हम यूयेसेस क्लब के कोने मैं चले गये और मैने उसके होतो को चूम लिया. उसने भी मेरा साथ दिया और चूमते हुए अपना हाथ मेरे पेंट पर रगड़ना शुरू कर दिया.

वो बोली- कब से मुझे पीछे से चुभ रहा था, आब इससे शांत करना हे पड़ेगा.

नाइट-क्लब से हम जल्दी हे निकल गये, दीपिका ने मुझे गाड़ी चलने के लिए बोला और वो मेरे पास वाली सीट पर बैठ गयी. जब मैं गाड़ी चला रहा था… तब वो अपना हाथ रही थी…. मेरे लंड को संवार रही थी. उसने मेरे पेंट की चैन भी खोल दे और देखते हे देखते मेरे लंड को आज़ाद भी कर दिया.

आब वो बोली- ह्म… यह तो काफ़ी मोटा और लूंबा है… इसके साथ माज़ा आएगा.

आब मुझसे रहा नही जर आहा था… उसके मूह से अपने लॉड के लिए इस प्रकार की बात सुन कर मैं और भी उतेज़ित हो गया था. आब बस जल्दी से दीपिका के फ्लॅट पहुचना बाकी था. हम जल्दी हे उसके फ्लॅट पर पहुचे और अंदर जाते हे मैने दीपिका को अपनी बाहो मैं कस लिया और एक तगड़ी से झप्पी दे और उसको चूम लिया. फिर दीपिका ने मुझे सोफे पर बिठाया और मेरे सामने खड़ी हो गयी. उसके बाद वो अपने कपड़े एक-एक कर के उतरने लगी.

उसने पहले अपनी टी-शर्ट खोली. नीचे ब्रा मैं उसकी चूचिया मस्त लग रही थी. अगली बारी शॉर्ट्स कीट ही… अगले हे पल वो भी उतार गयी… आब दीपिका मेरे सामने ब्रा और पेंटी मैं खड़ी थी. फिर उसने बड़ी अदा से अपनी चूचिया छुपाते-दिखाते हुए अपनी ब्रा भी उतार दे. आब वो मेरे पास आई और मेरे हाथ पकड़ कर अपने नंगी छातिया पर रख दिया और मैं उसकी रसीली चूचियो मैं व्यस्त और मस्त हो गया. उसकी नारंगिया काफ़ी मुलायम थी…

फिर उसने अपने निपल्स के तरफ उंगली दिखाते हुए कहा- आयो… इन्हे चूसो…

और उसने खुद अपनी चूची मेरे मूह मैं दे दी. जब मैं उसकी चूची चूस रहा था… तब वो अपने मूह से ‘आहह..आहह..’ की आवाज़ निकल रही थी. मैने बारी-बारी उसके दोनो आँो का सवद लिया. फिर उसने अपनी पेंटी भी उतार दे. आब वो मेरे सामने पूरी नंगी खड़ी थी.

फिर वो मेरे सामने अपने घुतने के बाल बैठ गयी और मेरी पेंट उतरने लगी और साथ हे साथ मेरा अंडरवियर भी उतार दिया, मेरे खड़े हुए लंड को अपने हाथो मैं लेकर हिलने लगी और थोड़ी देर मैं एरा लंड उसने अपने मूह मैं ले लिया और चूसने लगी. जब वो मेरा कहा लॅंड चूस रही थी तब मैने अपनी शर्ट उतार दी और मैं भी पूरा नंगा हो गया.

थोड़ी देर बाद दीपिका अपने बिस्तेर की तरफ गयी और मुझे भी आने का इशारा किया. वाहा वो अपने बिस्तेर के उपर लाते गयी और अपने टांगे फैला कर मुझे पास बुलाया.

आब वो रंडी की तरह बोली- आब मेरी चुत चाट…

मई उसकी गीली चुत चातने लगा और वो ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी. उसे काफ़ी माज़ा आ रहा था. उसके बाद हमने 69 पोज़िशन की. उसकी चुत से पानी टपकने लगा आब वो चुदाई के फुल मूड मैं आ चुकी थी.

उसने मुझे नीचे लिटाया और मेरे उपर चड़ गयी… उसने खुद मेरे लंड को हाथ मैं लेकर अपनी चुत पर लगाया और धीरे से मेरा लंड अंदर ले लिया और झटके देना शुरू किया. मुझे उसकी चुत काफ़ी टाइट लगी… थोड़ी देर बाद हमने कुछ अलग-अलग तरेको से भी चुदाई की. मुझे बहुत माज़ा आ रहा था.

मैने इस-से पहले किसी लड़की को चुदाई का इतना आनंद लेते हुए नही देखा था और साथ हे साथ उसके चेहरे पर खुशी सॉफ दिखाई दे रही थी. थोड़ी देर मैं दीपिका का काम उठ गया… उसके मूह से लुंबी ‘ आ… आहह..’ की आवाज़ निकली.

मेरा काम भी उसके साथ हे हो गया और मैने उसकी चुत को अपने गढ़े पानी से भर दिया. थोड़ी देर मैं वो दूसरे रौंद के लिए तैयार हो गयी और बोली- इस बार मेरी गांड मैं अपना पेलना… मैं हैरान था… मैने पूछा- गांड मैं ?

तो वो बोली- हा.. यह तो आज कल का फासिओं है.

मैने इस-से वहले कभी गांड मैं लॅंड नही पेला था केवल सुना था.

उसकी गांड मरने की उतेज्ना मैं एरा लंड फिर से कहदा हो गया.

आबकी बार दीपिका घोड़ी बनी थी और उसके हाथ मैं करीम की डिबिया थी. उसने अपने हाथ मैं थोड़ी करीम ले और अपनी गांड के छेद पर उपर और अंदर भी करीम लगा दे. उसने डिबिया मेरी तरफ बढ़ा दे… मैने भी अपने लंड पर थोड़ी करीम माल ले और अपना लंड उसके गांड के छेद पर रखा. मेरा मोटा सुपरा लगते हे वो बोली- धीरे से अंदर डालो…

मैने धीरे से लॅंड को अंदर किया.

दीपिका भी अपनी कमर पीछे की तरफ करके मेरा साथ दे रही थी और वो थोड़ी देर मैं वो बोली- हा… आब पूरा अंदर करो…

उसकी बात सुनकर मैं एक बड़ा झटका दिया और आब मेरा पूरा लंड उसकी गांड मैं अंदर घुस चुका था.

‘आहह…’

उसको माज़ा आ रहा था. आब मैने अपनी रफ़्तार बढ़ा दे और ज़ोर के झटके देने लगा. चुदाई मैं इतना माज़ा पहले कभी नही आया था. थोड़ी देर बाद उसकी गांड को भी पानी से भर दिया.

यूयेसेस रात हमे दो बार और भी चुदाई किया.

मैने दीपिका को पूछा- कैसा लगा?

तो वो बोली की उसे बहुत अच्छा लगा और उसे आज बहुत दीनो के बाद छुड़वाने का माज़ा आया था.

मैने कहा मैं भी बड़ा खुश हू तुम्हे चोद कर !

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