Girl friend sex stories collection

Share

[size=150:ybd6zmuc]शादीशुदा गर्लफ्रेंड – Shadishuda Girlfriend

मैं आपका दोस्त संदीप एक बार फिर हाजिर हूँ कुंवारी चाची की चुदाई की स्टोरी के बाद .. कैसे मैंने अपनी शादीशुदा गर्लफ्रेंड को चोदा …

जब मैं बी.टेक. कर रहा था तभी पायल नाम की लड़की से मेरी दोस्ती फोन पर हुई। मैंने उसे देखा नहीं था पर मैं उसे बहुत प्यार करने लगा था। धीरे-२ हम लोगों में इतना प्यार हो गया था कि हम एक दूसरे से फोन पर ४ घंटे तक रोज बात करते थे और जैसे -२ प्यार बढ़ता गया, हम मन से होते हुए तन पर चले गये। हम लोग फोन पर ही सेक्स करते थे। वो इतनी सेक्सी बातें करती थी कि वो वहाँ उंगली डाल कर अपनी आग बुझाती थी और मैं मुठ मार कर अपनी जवानी की तड़प शांत करता था। पर जब भी मैं उससे मिलने को कहता था वो कोई न कोई बाहना बना कर मुझे चुप करा देती थी। मुझे समझ में नहीं आता था कि उसके मन में क्या था …

धीरे-२ वक़्त गुजरता गया। हमारे इस चक्कर को २ साल हो गये थे पर मैं उसे देख भी न सका था। मैं सुल्तानपुर से बी टेक कर रहा था और वो बनारस की थी। फिर भी मैं उसकी चाहत में मजबूर था।

मेरा यह भ्रम तो तब टूटा जब मैंने अपना कोर्स पूरा कर लिया और मेरी जॉब लग गई।

तो मैंने उससे शादी के लिए कहा तो उसने अचानक ही अपने सारे नंबर बंद कर लिए। मेरा दिमाग आपे से बाहर हो गया, मैं उसे ऐसे कैसे जाने देता जिसके लिए मैंने कितनी बार मुठ मारी थी। मैंने अपने कुछ दोस्तों की मदद ले के उसके नम्बर की आईडी निकलवाई और बनारस आ गया …

अपने दोस्तों को नीचे खड़ा करके जैसे ही मैं उस पते पर पहुंचा, वहाँ मेरे सपनों की मल्लिका ने नहीं, एक ३५ साल की औरत ने दरवाजा खोला। फोन पर वो मुझे हमेशा २२ साल की लड़की बताती रही थी। मुझे बहुत तकलीफ हुई, मैंने उससे बदला लेने की अपने दिमाग में ठान ली…

वैसे मैं आपको बता दूँ कि वो ३५ साल की औरत भी इतनी माल थी कि १८ साल की लड़कियों को पानी भरा दे। उसका फिगर ३४-३०-३८ का था। मेरा तो लंड देख के ही फनफना गया पर जब सब बातें सामने आई तो वो रोने लगी, बोली- चाहे जो कर लो, पर मेरे पति को कुछ मत बताना, मेरा घर बर्बाद हो जायेगा..

मैंने कहा- ठीक है मुझे खुश करना होगा सारी जिन्दगी !

और वो राजी हो गई…

वो मुझे अपने बेडरूम में ले गई। उसकी गांड और उभरे हुए स्तनों के उभरे हुए चुचूक देख कर मेरे लंड महाराज आपे से बाहर हो रहे थे। बेडरूम में आते मैंने उसको अपनी बाहों भर लिया और उसके रसीले होटों पर अपने होंट टिका दिए। मै १० मिनट तक उसके होटों को चूसता रहा। मेरा एक हाथ उसके पिछवाड़े को सहला रहा था तो दूसरा उसकी चूची को मसल रहा था।

मैंने उसको बेड पर गिरा दिया और उसके पल्लू को हटाया। जोश-२ में मैंने उसके ब्लाउज़ के बटन को तोड़ दिए। अन्दर वो काली ब्रा पहने हुई थी और चूचियां तो जैसे ब्रा को फाड़ कर निकलने को बेताब थी। मैंने उसको उल्टा लिटा कर ब्रा का हुक खोल दिया, एक चूची को मुँह में ले कर दूसरी को दबाना शुरु कर दिया…

उसके मुँह से आह आह ऊ ऊह आह..की आवाजें आ रही थी… उसकी गांड बहुत ही ज्यादा मस्त थी, उसको सहलाते हुए मैंने उसका पेटीकोट नीचे खिसका दिया… क्या माल थी ! मै कैसे बयाँ करूँ शब्द नहीं है मेरे पास ! गोरी संगमरमर जैसी जांघें … काली पैंटी में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी। मैंने महसूस किया कि उसकी पैंटी गीली हो चुकी थी। मैंने अपने दाँतों से उसकी पैंटी नीचे खिसका दी। उसकी चूत पर हल्के-२ काल बाल थे। मैंने अपने होटों को उसके नीचे के होटों से मिला दिया.. और जी भर के चूसने लगा …. वो आह अहः आह ओह्ह के साथ बोल रही थी- आज तुम्हीं मेरे मालिक हो ! मेरी प्यास बुझा दो ! मेरे पति से कुछ नहीं होता ! मुझे गरम कर के खुद लुढ़क जाते हैं .. आज तुम मिले हो, मेरी आग बुझा दो …

मैं उसकी चूत चूस रहा था, तभी वो पलटी और मेरी जींस उतार दी, अंडरवियर भी और मेरे ७ इंच के लंड को मुँह में ले कर लॉलीपोप की तरह चूसने लगी…

मैं भी जोश में आ कर उसके मुँह में धक्के मारने लगा। कुछ देर बाद मैं झड़ गया और यहाँ इसकी चूत ने भी पानी फेंक दिया… वो मेरा और मैं उसका सारा अमृत जल पी गये…

इसके बाद मैंने उसे कुतिया स्टाइल में होने को कहा। शायद वो सब जानती थी, झट से अपनी गांड खोल कर झुक गई। मैंने पीछे से उसकी चूत में लंड पेल दिया। कई सालों से लंड खा रही थी सो आराम से झेल गई मेरा ७ इंच का लौडा…

मैंने भी जोर जोर से चुदाई शुरु कर दी…

उसके मुँह से पता नहीं क्या-२ निकल रहा था …चोदो मेरे राजा… मेरे पति का तो अब खड़ा भी नहीं होता ! सही से मुझे तुम से जवान मर्द की तलाश थी … भोसड़ा बना दो आज मेरी चूत का … आह्ह … ऊह … उम्म्म … राजा …. आह्ह … उम्म्म … सीई … सीई .. मेरे राजा मेरे मालिक …

मैं भी अपनी मस्ती में पेले जा रहा था… अचानक उसका जिस्म अकड़ने लगा- और जोर से मेरे राजा ! मेरा होने वाला है ! आज तीन साल बाद मेरी आग बुझेगी और जोर से.. आह … उम्म्म्म… सीई …. आः….

और उसकी चूत ने लावा फेंक दिया.. मैं भी मंजिल पर पहुँचने वाला था … मैंने स्पीड बढ़ा दी …१०-१५ झटकों में ही मैंने अपनी आग उसके भोंसड़े में भर दी…

यह थी मेरी दूसरी चुदाई चाची की चुदाई के बाद …

आपको मेरी यह वास्तविक कहानी कैसी लगी, जरुर जवाब दें ! खासकर हर शादीशुदा और कुंवारी लड़की जो अन्तर्वासना से जुड़ी है …[/size:ybd6zmuc]

Share
Posted in Uncategorized
Article By :

Leave a Reply